6 june 2026
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आगामी पासिंग आउट परेड को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। चेतवुड ड्रिल स्क्वायर पर इन दिनों सुबह से शाम तक कैडेट्स का अभ्यास जारी है। परेड में शामिल होने वाले युवा कैडेट अपने प्रशिक्षण के अंतिम पड़ाव पर हैं और सैन्य अनुशासन, नेतृत्व तथा समर्पण का प्रदर्शन करने के लिए लगातार रिहर्सल कर रहे हैं।
अकादमी परिसर में परेड की भव्यता और गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ड्रिल, सलामी और मार्चिंग की बारीकियों पर प्रशिक्षकों की पैनी नजर है। हर कदम की सटीकता और हर कमांड पर एकसमान प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कैडेट घंटों अभ्यास कर रहे हैं। सैन्य परंपराओं के अनुरूप परेड को यादगार बनाने के लिए विभिन्न पूर्वाभ्यास भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड कई दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके साथ मित्र देशों के कैडेट भी प्रशिक्षण पूर्ण कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए रवाना होंगे। IMA लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का केंद्र रहा है।
सूत्रों के अनुसार, समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा कैडेट्स के परिजन बड़ी संख्या में शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के परेड की समीक्षा करने की संभावना ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर होने के नाते इस अवसर पर युवा अधिकारियों का उत्साहवर्धन करेंगी।
परेड का सबसे भावुक क्षण ‘अंतिम पग’ होगा। इसी परंपरा के तहत कैडेट प्रशिक्षणार्थी की पहचान पीछे छोड़कर सैन्य अधिकारी के रूप में अपने नए जीवन की शुरुआत करते हैं। यह पल न केवल कैडेट्स बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व और भावनाओं से भरा होता है।
देहरादून शहर में भी आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अतिथि स्वागत की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर जारी हैं। अकादमी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि समारोह शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सके।
**IMA की यह पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि देश को समर्पित नए नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के संकल्प का जीवंत प्रतीक बनने जा रही है।**

