12 june 2026
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। शहर में पहली बार ई-आटो के संचालन को लेकर व्यापक स्तर पर ट्रायल किया गया, जिसके परिणाम उत्साहजनक रहे। कठिन चढ़ाई, संकरी सड़कों और व्यस्त बाजार क्षेत्रों से गुजरने के बावजूद ई-आटो ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे भविष्य में इसके नियमित संचालन की संभावनाएं मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के नेतृत्व में आयोजित इस परीक्षण की शुरुआत किंक्रेग क्षेत्र से हुई। इसके बाद ई-आटो पिक्चर पैलेस, लाइब्रेरी चौक, मैसोनिक लाज, माल रोड और लंढौर की खड़ी चढ़ाई वाले मार्गों से होकर गुजरा। ट्रायल के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं वाहन में बैठकर इसकी क्षमता, गति, सुरक्षा और संचालन संबंधी पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, एआरटीओ विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों पर ई-आटो की चाल, ब्रेकिंग सिस्टम, मोड़ लेने की क्षमता और यातायात के बीच संचालन की स्थिति का आकलन किया। खास तौर पर उन स्थानों पर अधिक ध्यान दिया गया जहां पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती है और अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
प्रशासन द्वारा गठित तीन अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में समानांतर रूप से परीक्षण किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ई-आटो का संचालन सुरक्षित, संतुलित और प्रभावी पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को लेकर जो आशंकाएं थीं, ट्रायल के दौरान वे काफी हद तक दूर होती दिखाई दीं।
मसूरी जैसे पर्यटन केंद्र में हर वर्ष लाखों पर्यटक पहुंचते हैं, जिसके कारण यातायात दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषकर पर्यटन सीजन में माल रोड, लाइब्रेरी चौक और पिक्चर पैलेस क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन जाती हैं। ऐसे में छोटे आकार के ई-आटो न केवल यातायात को व्यवस्थित करने में मदद कर सकते हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि यदि ई-आटो व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू होती है तो शहर में डीजल और पेट्रोल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। साथ ही पर्यटकों को भी एक सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय लोगों के रोजगार से भी जुड़ा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में संचालित साइकिल रिक्शा चालकों को नई व्यवस्था से बाहर नहीं किया जाएगा। उन्हें ई-आटो संचालन से जोड़ने और प्रशिक्षण देकर इस व्यवस्था का हिस्सा बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे उनकी आजीविका सुरक्षित रहेगी और उन्हें आधुनिक परिवहन प्रणाली में नए अवसर भी मिलेंगे।
अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान प्राप्त आंकड़ों और सुझावों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद संचालन से संबंधित नियम, रूट निर्धारण और अन्य व्यवस्थाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि आगामी चरणों में भी परिणाम सकारात्मक रहते हैं तो निकट भविष्य में मसूरी की सड़कों पर ई-आटो नियमित रूप से संचालित होते दिखाई दे सकते हैं।
शहरवासियों और पर्यावरण प्रेमियों को उम्मीद है कि यह पहल मसूरी की पुरानी यातायात समस्याओं के समाधान के साथ-साथ स्वच्छ, हरित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नई शुरुआत साबित होगी।

