देहरादून, 13 जून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। राज्य के कई हिस्सों में आज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई क्षेत्रों में बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता
बारिश और तेज हवाओं के चलते पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से दृश्यता प्रभावित हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर छोटे भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मैदानी इलाकों को मिलेगी गर्मी से राहत
पिछले कुछ दिनों से मैदानी जिलों में बढ़ते तापमान और उमस से लोग परेशान थे। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं।
इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार उत्तराखंड में इस वर्ष मानसून सामान्य से पहले सक्रिय हो सकता है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास पूरी तरह प्रभावी होता है, लेकिन मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए इसके 20 जून के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
यदि ऐसा होता है तो किसानों के लिए यह अच्छी खबर साबित हो सकती है, क्योंकि समय पर वर्षा होने से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी। वहीं जल स्रोतों और नदियों के जलस्तर में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
फिलहाल अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड में मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है, जबकि मानसून की संभावित जल्द एंट्री को लेकर भी मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं।

