12 june 2026
देहरादून। 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम देशभर में रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। लंबे समय से लंबित नियुक्तियों को लेकर अब लगभग सभी विभागों की सहमति मिल चुकी है, जिससे 243 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
दरअसल, 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 130 पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर राज्य ने राष्ट्रीय पदक तालिका में अपनी रैंकिंग 25वें स्थान से सीधे सातवें स्थान तक पहुंचाई। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को देखते हुए सरकार ने पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया था।
नियुक्तियों की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए उपयुक्त पदों की उपलब्धता को लेकर थी। स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 4200 ग्रेड पे के समकक्ष पद देने की व्यवस्था करनी थी। इस संबंध में खेल विभाग ने शिक्षा विभाग को सहायक अध्यापक (व्यायाम) के पद को डाउनग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा था। अब शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है, जिससे लंबे समय से चली आ रही यह अड़चन दूर हो गई है।
हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं का पालन करना होगा। किसी भी उम्मीदवार को आवश्यक शैक्षिक अर्हता में छूट नहीं दी जाएगी। विभाग में आउट ऑफ टर्न भर्ती के लिए लगभग 50 पद उपलब्ध हैं।
विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा के अनुसार पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी देने की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी। खिलाड़ियों को नियुक्ति तो मिलेगी, लेकिन उन्हें चार वर्षों के भीतर संबंधित पद के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता पूरी करनी होगी। यह शर्त सभी चयनित खिलाड़ियों पर लागू होगी।
गौरतलब है कि रजत और कांस्य पदक विजेताओं के लिए खेल, युवा कल्याण, गृह, वन, माध्यमिक शिक्षा और परिवहन विभागों में पहले से ही विभिन्न पद उपलब्ध हैं। समस्या केवल स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए उच्च ग्रेड वेतन वाले पदों को लेकर थी, जिसे अब शिक्षा विभाग की सहमति मिलने के बाद सुलझा लिया गया है।
राज्य सरकार के इस फैसले से राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को न केवल सम्मान मिलेगा, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

