14 june 2026
हरिद्वार, 15 जून अधिकमास में पड़ रही सोमवती अमावस्या को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह तैयार है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सनातन परंपरा में विशेष पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन इस बार इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि यह अधिकमास की अमावस्या के साथ दुर्लभ संयोग बना रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान, पितृ तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की आराधना का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
हर की पैड़ी सहित गंगा के प्रमुख घाटों पर रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। प्रशासन को उम्मीद है कि सोमवती अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे। इसी बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों के संचालन की भी व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार अमावस्या तिथि 14 जून दोपहर से प्रारंभ होकर 15 जून की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर सोमवार, 15 जून को ही सोमवती अमावस्या का व्रत, स्नान और दान मान्य होगा। इसलिए ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलेगी।
अधिकमास की यह सोमवती अमावस्या पितृ कार्यों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रद्धालु गंगा तट पर पितरों के निमित्त तर्पण करेंगे और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र तथा अन्य सामग्री का दान देंगे। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और पुण्य कर्म विशेष फलदायी होता है तथा पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
हरिद्वार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों, पार्किंग स्थलों और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा के इस विशेष पर्व पर हरिद्वार एक बार फिर भक्तिभाव से सराबोर नजर आएगा। गंगा तट पर गूंजते मंत्रोच्चार, दीपों की आभा और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था सोमवती अमावस्या को एक भव्य आध्यात्मिक उत्सव में बदल देगी।

