5 june 2026
देहरादून। महाकुंभ-2027 और उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उत्तर रेलवे ने बड़े स्तर पर रेल अवसंरचना विस्तार की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ 24 कोचों वाली लंबी एलएचबी ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी तैयार किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कई ट्रेनों का संचालन सीमित प्लेटफॉर्म क्षमता के कारण निर्धारित कोच संख्या में ही हो पाता है। लेकिन आगामी महाकुंभ के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रैक नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए मुरादाबाद मंडल से लेकर हरिद्वार और देहरादून तक प्रमुख स्टेशनों के प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने और आवश्यक तकनीकी बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
हाल ही में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडेय ने देहरादून रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में यात्री सुविधाओं के विस्तार, ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।
रेलवे की इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद देहरादून से लंबी दूरी की अधिक क्षमता वाली ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे न केवल महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन सीजन में भी यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 24 कोचों वाली एलएचबी ट्रेनों के संचालन से एक बार में अधिक यात्रियों को सफर की सुविधा मिलेगी, जिससे अतिरिक्त विशेष ट्रेनों पर निर्भरता भी कम होगी। साथ ही स्टेशन परिसरों में यात्री प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से मजबूत किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। महाकुंभ-2027 से पहले अधिकांश कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

