28 may 2026
नई दिल्ली। NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद अब शिक्षा मंत्रालय किसी भी तरह की चूक से बचना चाहता है। इसी सिलसिले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक कर परीक्षा की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों और हाई-पावर्ड मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना पूरी तरह खत्म की जा सके।
21 जून को होगा री-एग्जाम, 22 लाख से ज्यादा छात्र होंगे शामिल
सूत्रों के अनुसार, NEET UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। देशभर के 550 से अधिक शहरों में करीब 5400 परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। इस परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। गर्मी को देखते हुए पेयजल, बिजली, मेडिकल सहायता और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। राज्यों के मुख्य सचिवों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय भी तेज कर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी पहले से ज्यादा कड़ी
सरकार इस बार परीक्षा को “फुलप्रूफ” बनाने के लिए कई नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर लाइव CCTV मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रश्नपत्रों की मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके अलावा सोशल मीडिया और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पेपर और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस और प्रशासन की अतिरिक्त तैनाती भी की जाएगी। संवेदनशील जिलों की अलग से निगरानी होगी और परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों की बैकग्राउंड जांच भी कराई जा रही है।
पेपर लीक जांच में लगातार हो रही गिरफ्तारियां
इस बीच NEET UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में महाराष्ट्र के लातूर से एक डॉक्टर और पुणे के एक कोचिंग शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। अब तक इस मामले में 13 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
छात्रों में चिंता, लेकिन सरकार भरोसा दिलाने में जुटी
री-एग्जाम की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। कई छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा की तैयारी मानसिक और आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

