2 june 2026
देहरादून। राज्य में बढ़ती बिजली मांग और ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा बचत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत सरकारी बिजली कार्यालयों में एयर कंडीशनर (एसी) के उपयोग पर रोक लगाने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनाने के लिए कहा गया है।
23 बिंदुओं वाली नई ऊर्जा बचत नीति लागू
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कुल 23 महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य अनावश्यक बिजली खपत को कम करना और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली की बचत को प्राथमिकता देते हुए कार्य संस्कृति में बदलाव लाया जाए।
दफ्तरों में बिजली बचत पर विशेष जोर
नई व्यवस्था के तहत कार्यालयों में जरूरत न होने पर पंखे, लाइट और अन्य विद्युत उपकरण बंद रखने होंगे। ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा और पुराने अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई गई है। बिजली विभाग के कार्यालयों में एसी के उपयोग को सीमित या बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऊर्जा की बचत की जा सके।
अधिकारियों को कारपूलिंग अपनाने की सलाह
सरकार ने ईंधन की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि यातायात दबाव और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
फिजूलखर्ची पर लगेगी लगाम
सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी बचतें मिलकर बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण में मदद कर सकती हैं। इसी उद्देश्य से सरकारी बैठकों, कार्यालय संचालन और वाहन उपयोग में मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया गया है। विभागों को नियमित रूप से ऊर्जा खपत की समीक्षा करने और बचत के उपायों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है।
बढ़ती मांग के बीच उठाया गया कदम
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार द्वारा जारी ये दिशा-निर्देश ऊर्जा संकट से निपटने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
जनता से भी सहयोग की अपील
सरकार ने आम लोगों से भी बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सरकारी विभागों के साथ-साथ आम नागरिक भी ऊर्जा बचत के प्रयासों में भागीदारी निभाएं, तो बिजली संकट की स्थिति से बेहतर ढंग से निपटा जा सकता है।
ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में उठाया गया यह कदम आने वाले समय में राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक संतुलित और टिकाऊ बनाने में सहायक साबित हो सकता है।

