6 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड में वार्षिक तबादला सत्र अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए लागू वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत सभी विभागों को 10 जून तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करनी है, लेकिन निर्धारित समयसीमा में अब केवल कुछ दिन शेष रहने के बावजूद अधिकांश विभागों में तबादलों की रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है।
राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष स्थानांतरण प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से निर्धारित कार्यक्रम जारी किया जाता है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले नियमानुसार किए जाने का प्रावधान है। हालांकि इस वर्ष अब तक मुख्य रूप से आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी हुए हैं, जबकि कई विभागों में कर्मचारी और अधिकारी अभी भी स्थानांतरण सूची की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, कृषि, पशुपालन तथा अन्य विभागों में स्थानांतरण प्रस्तावों पर विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श चल रहा है। कई विभागों ने आंतरिक स्तर पर पात्र कर्मचारियों का विवरण तैयार कर लिया है, जबकि कुछ विभाग अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं। इसके बावजूद समयसीमा निकट आने से कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
कर्मचारी संगठनों ने भी समय पर पदोन्नति और स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, जबकि कुछ कर्मचारी दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नियमानुसार अवसर मिलने की अपेक्षा है।
संगठनों का यह भी मानना है कि यदि स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी हो जाती है तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कर्मचारियों में पारदर्शी व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। वहीं, समयसीमा के अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में आदेश जारी होने की स्थिति में विभागों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव भी बढ़ सकता है।
प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई विभागों से स्थानांतरण आदेश जारी हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं नियमों और अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
गौरतलब है कि उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाना है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के आधार पर अवसर प्रदान करने तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
अब सभी की निगाहें 10 जून की अंतिम तिथि पर टिकी हैं। आगामी दिनों में जारी होने वाले आदेश यह तय करेंगे कि विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया को किस हद तक पूरा कर पाते हैं और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित अपेक्षाओं को कितना पूरा किया जा सकेगा।

