7 june 2026
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण एक बार फिर दुनिया की नजरें होर्मुज स्ट्रेट पर टिक गई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन माना जाता है। हाल के घटनाक्रमों के बाद ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारत के लिए एलपीजी (LPG) लेकर आने वाले कुछ जहाज होर्मुज क्षेत्र में प्रभावित हुए हैं, जिससे आम लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश में रसोई गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
क्या सचमुच रुक सकती है भारत में LPG की सप्लाई?
विशेषज्ञों और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल भारत में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह रुकने जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और कुछ कार्गो को देरी का सामना करना पड़ सकता है। भारत अपनी गैस जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर लॉजिस्टिक्स और कीमतों पर पड़ सकता है।
होर्मुज में फंसे जहाजों का क्या है सच?
हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि तनाव बढ़ने के दौरान कई तेल, एलपीजी और एलएनजी जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। कुछ भारतीय हितों से जुड़े जहाजों को सुरक्षा कारणों से इंतजार करना पड़ा। हालांकि ईरान द्वारा कुछ भारतीय एलपीजी कैरियर्स को सुरक्षित मार्ग देने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं हुई है।
भारत सरकार और कंपनियां कितनी तैयार?
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति प्रबंधन की व्यवस्था है। सरकारी और निजी कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। यदि होर्मुज में लंबे समय तक संकट बना रहता है, तब वैकल्पिक स्रोतों और अतिरिक्त भंडारण का सहारा लिया जा सकता है।
आम उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?
फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। देश में तत्काल सप्लाई संकट की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। हालांकि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर भविष्य में एलपीजी और अन्य ईंधनों की लागत पर देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव ने निश्चित रूप से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह बंद होने की आशंका नहीं दिख रही। कुछ जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और डिलीवरी में देरी की संभावना जरूर है, मगर भारत के पास पर्याप्त प्रबंधन और भंडारण व्यवस्था मौजूद है। इसलिए फिलहाल उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

