5 july 2026, Dehradun !
श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रद्धालुओं से यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों और सेवाओं पर खर्च करने की अपील का जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि श्रद्धालु स्थानीय बाजारों से खरीदारी करेंगे और क्षेत्रीय सेवाओं का उपयोग करेंगे, तो इसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों, कारीगरों, टट्टू संचालकों, होटल व्यवसायियों और अन्य स्थानीय लोगों को मिलेगा। उन्होंने इसे कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी कदम बताया।
उमर अब्दुल्ला ने सुझाव दिया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ ऐसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं, जिससे श्रद्धालु निर्धारित और सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानीय बाजारों का भ्रमण कर सकें। उनका मानना है कि इससे यात्रियों को स्थानीय संस्कृति और उत्पादों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कश्मीर अपने हस्तशिल्प, सूखे मेवे, पारंपरिक परिधानों और स्थानीय उत्पादों के लिए जाना जाता है। यदि यात्री इन वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, तो इससे क्षेत्र के छोटे कारोबारियों और कारीगरों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की थी। इनमें एक महत्वपूर्ण संकल्प स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देकर यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय स्तर पर खर्च करने का भी है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक यात्रा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि श्रद्धालु स्थानीय खरीदारी और सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, तो इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार दोनों को लाभ मिलेगा। साथ ही, यात्रियों और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर संवाद और सहयोग का माहौल भी विकसित होगा।
अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है। ऐसे में स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा देने वाली पहलें न केवल क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायक हो सकती हैं, बल्कि पर्यटन को भी अधिक समावेशी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

