देहरादून, शनिवार, 6 june 2026
आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) के 73 कैडेटों ने स्नातक उपाधि प्राप्त कर भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की मुख्यधारा में प्रवेश कर लिया। आईएमए के प्रतिष्ठित चेटवुड सभागार में आयोजित एसीसी के 127वें दीक्षा समारोह में अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने सभी सफल कैडेटों को उपाधियां प्रदान कीं।
सैन्य नेतृत्व की ओर बढ़ा महत्वपूर्ण कदम
दीक्षा समारोह कैडेटों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद अब ये सभी कैडेट आईएमए में एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के उपरांत उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ कैडेटों ने सैन्य नेतृत्व की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है।
विज्ञान और कला वर्ग के कैडेट रहे शामिल
इस वर्ष स्नातक उपाधि प्राप्त करने वाले कुल 73 कैडेटों में 32 कैडेट विज्ञान वर्ग और 41 कैडेट कला वर्ग से हैं। विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले इन युवाओं ने एसीसी में अपने अध्ययन और प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सैन्य मूल्यों का प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट हुए सम्मानित
समारोह के दौरान शैक्षणिक और प्रशिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए। इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट को प्रतिष्ठित चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ मेडल से नवाजा गया। यह सम्मान उन कैडेटों को दिया जाता है जिन्होंने अध्ययन, नेतृत्व और सैन्य प्रशिक्षण के विभिन्न मानकों पर उत्कृष्टता हासिल की हो।
राष्ट्र सेवा के लिए तैयार हो रही नई पीढ़ी
समारोह में अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना को ऐसे युवा नेतृत्व की आवश्यकता है जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी साहस, समर्पण और पेशेवर दक्षता का परिचय दे सके। एसीसी से निकलने वाले ये कैडेट भविष्य में सेना की विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करेंगे और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
गौरव और उत्साह का माहौल
दीक्षा समारोह के दौरान सभागार में उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला। कैडेटों की इस उपलब्धि पर उनके परिजन, प्रशिक्षक और सैन्य अधिकारी भावुक और गौरवान्वित नजर आए। उपाधि प्राप्त करने के बाद कैडेटों ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में अगले चरण की शुरुआत की।
यह समारोह न केवल कैडेटों की शैक्षणिक सफलता का प्रतीक रहा, बल्कि भारतीय सेना को भविष्य के सक्षम और प्रशिक्षित नेतृत्व प्रदान करने की परंपरा को भी आगे बढ़ाने वाला अवसर साबित हुआ।

