25 may 2026
देहरादून का प्रसिद्ध वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) चार महीने बाद सोमवार से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। लंबे समय से बंद पड़े इस ऐतिहासिक परिसर के खुलने की खबर से पर्यटकों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह देखा गया। हालांकि, संस्थान प्रशासन द्वारा जारी नई शुल्क सूची ने लोगों को थोड़ा हैरान भी कर दिया है, क्योंकि प्रवेश और संग्रहालय टिकट की दरों में इस बार बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
एफआरआई प्रशासन के अनुसार संस्थान में प्रवेश के लिए अब नई दरें लागू होंगी। पहले जहां पर्यटक बेहद कम शुल्क में परिसर का भ्रमण कर लेते थे, वहीं अब उन्हें पहले से कई गुना अधिक राशि चुकानी होगी। भारतीय पर्यटकों के लिए पैदल प्रवेश शुल्क 100 रुपये तय किया गया है, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 1000 रुपये रखा गया है। इसके अलावा दोपहिया वाहन, कार, ऑटो और बसों के प्रवेश शुल्क में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
सिर्फ परिसर भ्रमण ही नहीं, बल्कि एफआरआई के प्रसिद्ध संग्रहालयों को देखने के लिए भी अब अधिक भुगतान करना होगा। नई व्यवस्था के तहत भारतीय वयस्कों के लिए संग्रहालय टिकट 150 रुपये कर दी गई है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह शुल्क 1500 रुपये तक पहुंच गया है। स्कूल और कॉलेज समूहों के लिए भी अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बढ़ती रखरखाव लागत, सुरक्षा व्यवस्था और परिसर की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुल्कों में संशोधन किया गया है।
बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में रखरखाव और प्रशासनिक कारणों से एफआरआई को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। इस दौरान परिसर में कई सुधार कार्य भी किए गए। अब दोबारा खुलने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण देने की तैयारी की गई है।
देहरादून स्थित एफआरआई देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में गिना जाता है। ब्रिटिशकालीन वास्तुकला, विशाल हरित परिसर और दुर्लभ वन संपदा से जुड़े संग्रहालय यहां आने वालों को आकर्षित करते हैं। कई फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भी यहां हो चुकी है, जिसके कारण यह स्थान पर्यटकों के बीच खास पहचान रखता है।
हालांकि शुल्कों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इतनी अधिक फीस आम पर्यटकों की पहुंच को प्रभावित कर सकती है, जबकि कुछ लोग इसे संस्थान के बेहतर रखरखाव के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं।

