6 june 2026
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है और देशभर से हजारों श्रद्धालु लगातार केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। तीर्थस्थलों में आस्था का माहौल बना हुआ है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम और लगातार बारिश प्रशासन के लिए चुनौती भी बन रही है। इसी वजह से यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर यात्रा सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन मानसून के नजदीक आते ही प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके। यात्रियों को लगातार मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।
इधर शुक्रवार को हुई बारिश के बाद बदरीनाथ हाईवे पर पीपलकोटी के पास भनैरपानी भूस्खलन क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की घटना सामने आई। इससे लगभग एक घंटे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को नियंत्रित किया और सड़क किनारे से सुरक्षित तरीके से आवागमन शुरू कराया।
इसी तरह यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहा। इस दौरान यमुनोत्री धाम की ओर जा रहे श्रद्धालुओं और वापस लौट रहे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री बीच रास्ते में ही रुक गए, जबकि स्थिति सामान्य होने के बाद ही वाहनों को आगे बढ़ने दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून से पहले और बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को देखते हुए सड़क खुलवाने के लिए मशीनरी, जेसीबी और राहत दलों को लगातार सक्रिय रखा गया है। साथ ही यात्रा मार्गों पर समय-समय पर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर चारधाम यात्रा आस्था के साथ जारी है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के बीच प्रशासनिक तैयारियां और यात्रियों की सतर्कता दोनों ही इस समय बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं।

