6 june 2026
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के बीच धर्मनगरी हरिद्वार को पर्यावरण के लिहाज से अधिक स्वच्छ, हरित और संतुलित बनाने की दिशा में प्रशासन ने विशेष पहल तेज कर दी है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
इस अभियान के तहत गंगा तटों, प्रमुख मार्गों, पार्कों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी परिसरों में पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरिद्वार को ‘ग्रीन सिटी’ की दिशा में आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और आम जनता से भी अपील की कि वे लगाए गए पौधों की देखभाल को अपनी जिम्मेदारी समझें।
इसी क्रम में कुंभ मेला अधिकारी सोनिका सिंह ने भी वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और पौधे रोपे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जनपद में पहले से चिन्हित स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। उनका कहना था कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन से पहले हरिद्वार की पर्यावरणीय स्थिति को मजबूत करना बेहद आवश्यक है, ताकि भीड़ और गतिविधियों के बावजूद प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि लगाए जा रहे पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई और संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि पौधे केवल रोपण तक सीमित न रहें बल्कि पूर्ण रूप से विकसित हो सकें।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की जरूरत बताया। उनका कहना है कि यदि इसी तरह निरंतर वृक्षारोपण और संरक्षण कार्य चलते रहे तो हरिद्वार आने वाले वर्षों में और अधिक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित हो सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि कुंभ जैसे बड़े आयोजनों से पहले इस तरह के अभियान न केवल शहर की हरियाली बढ़ाते हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रकार विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू किया गया यह वृक्षारोपण अभियान हरिद्वार को एक हरित और सतत विकास की ओर ले जाने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

