5 जून 2026
लगातार कई सप्ताह तक रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से चांदी में बड़ी कमजोरी देखने को मिली, जबकि सोने के दाम भी उल्लेखनीय रूप से नीचे आए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।
चांदी की कीमतों में एक ही दिन में हजारों रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं 24 कैरेट सोना भी अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे फिसल गया। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिली है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी की योजना बना रहे थे।
आखिर क्यों गिरे दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी तेजी से महंगे हुए थे। जब किसी परिसंपत्ति में लगातार तेजी आती है तो निवेशक लाभ कमाने के लिए बिकवाली करते हैं। इसी मुनाफावसूली का असर शुक्रवार को बाजार में दिखाई दिया। इसके अलावा वैश्विक कमोडिटी बाजारों में नरमी और आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने भी कीमतों को प्रभावित किया।
खरीदारों के लिए राहत की खबर
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि हाल की गिरावट से बाजार में ग्राहकों की रुचि बढ़ सकती है। पिछले कुछ समय से ऊंचे दामों के कारण कई लोग खरीदारी टाल रहे थे। अब कीमतों में आई नरमी उन्हें बाजार की ओर आकर्षित कर सकती है। विशेषकर त्योहारों और विवाह सीजन की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए ?
वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि सोना और चांदी में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सामान्य है। यदि कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, तो गिरावट के दौर में चरणबद्ध खरीदारी एक बेहतर रणनीति हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
आज की गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद कीमती धातुओं में भी सुधार का दौर आ सकता है। फिलहाल बाजार में नरमी जरूर है, लेकिन सोना और चांदी अभी भी निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बने हुए हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़े रुझान की शुरुआत।

