4 june 2026
देहरादून/विकासनगर। देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र के शीशमबाड़ा में जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक अवैध मजार सहित कई अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से सरकारी संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लंबे समय से शीशमबाड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। राजस्व विभाग की जांच और भूमि अभिलेखों के सत्यापन के बाद संबंधित स्थान को अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग, नगर निकाय और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
अभियान के दौरान सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार के अलावा अन्य अस्थायी ढांचों और निर्माणों को भी हटाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की सहायता से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिलेभर में ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किए गए हैं। चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि की नियमित निगरानी की जाए और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे भूमि संबंधी नियमों का पालन करें और बिना वैधानिक अनुमति के किसी प्रकार का निर्माण न करें।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। प्रशासन का मानना है कि ऐसे अभियानों से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भूमि का उपयोग जनहित से जुड़ी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा। वहीं, अतिक्रमण के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासन अब सख्त रुख अपनाए हुए है।
गौरतलब है कि देहरादून जिले में इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि अभियान का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कर कानून के अनुसार उसका संरक्षण सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

