24 june 2026
भारतीय संगीत जगत की मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक को 23 जून को आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दूसरे चरण में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिलीं, लेकिन सम्मान प्राप्त करने के बाद अलका याग्निक की एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
अलका याग्निक ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह पिछले लगभग दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इसी वजह से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और संगीत की दुनिया की चमक-दमक से दूर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समय उनके जीवन का सबसे कठिन दौर रहा, लेकिन परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्यार ने उन्हें हिम्मत दी।
गायिका ने पद्म भूषण को अपने संगीत सफर की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे बढ़ने और मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने की नई ऊर्जा देता है। उन्होंने अपने चाहने वालों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी शुभकामनाएं और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
दरअसल, अलका याग्निक पिछले कुछ समय से एक दुर्लभ श्रवण (हियरिंग) संबंधी समस्या से जूझ रही हैं। इस बीमारी के कारण उन्हें सुनने में परेशानी होती है और इसी वजह से वह नए संगीत प्रोजेक्ट्स से भी दूरी बनाए हुए हैं। हाल ही में उन्होंने स्वीकार किया था कि संगीतकार उनसे काम के लिए संपर्क करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह कई प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।
पद्म भूषण ग्रहण करने के दौरान भी अलका याग्निक की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। समारोह में उन्हें सहारे के साथ मंच तक जाते देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई गई। हालांकि उनकी भावुक पोस्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वह धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और सकारात्मक सोच के साथ इस चुनौती का सामना कर रही हैं।
भारतीय फिल्म संगीत को कई यादगार गीत देने वाली अलका याग्निक के लिए यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके दशकों लंबे योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान है। उनके प्रशंसक अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से अपनी मधुर आवाज़ से संगीत प्रेमियों का दिल जीतेंगी।

