7 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान सोमवार से शुरू होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियान के पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और आवश्यक जानकारी जुटाएंगे।
निर्वाचन विभाग के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती उन मतदाताओं की पहचान और सत्यापन की है, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था लेकिन वर्तमान रिकॉर्ड से उनका मिलान नहीं हो पा रहा है। राज्यभर में ऐसे लगभग 8.81 लाख मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिन तक पहुंचना और उनका विवरण अपडेट करना आवश्यक माना जा रहा है।
चार मैदानी जिलों में सबसे अधिक चुनौती
प्री-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सबसे कम मैपिंग देहरादून, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में दर्ज की गई। तेजी से बढ़ती आबादी, पलायन, नए आवासीय क्षेत्रों का विकास और मतदाताओं के पते में बदलाव इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे में बीएलओ को इन जिलों में विशेष मेहनत करनी पड़ेगी।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इसके लिए बूथ स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई है।
मतदाताओं को किन बातों का रखना होगा ध्यान
अभियान के दौरान मतदाताओं को बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले गणना प्रपत्र को सावधानीपूर्वक भरना होगा। नाम, पता, आयु, परिवार के सदस्यों की जानकारी और अन्य विवरण सही-सही दर्ज करना जरूरी होगा। यदि किसी मतदाता का निवास स्थान बदल चुका है या व्यक्तिगत जानकारी में कोई परिवर्तन हुआ है, तो उसे संबंधित दस्तावेजों के साथ जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इसके अलावा, जिन परिवारों तक बीएलओ नहीं पहुंच पाते हैं, उन्हें भी निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रपत्र जमा कराने की सलाह दी गई है। गलत या अधूरी जानकारी भविष्य में मतदाता सूची में त्रुटियों का कारण बन सकती है।
पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर
निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है। इससे फर्जी नामों को हटाने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करने तथा नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने में मदद मिलेगी।
राज्यभर में शुरू होने वाला यह अभियान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग को उम्मीद है कि मतदाताओं के सहयोग से सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

