31 may 2026
उत्तराखंड में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश की आशंका के बीच केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से साफ तौर पर कहा है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर ठहर जाएं और अगले निर्देश का इंतजार करें। मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद यह फैसला एहतियातन लिया गया है।
बारिश और खराब मौसम बना चिंता का कारण
रुद्रप्रयाग और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। प्रशासन को आशंका है कि खराब मौसम के कारण भूस्खलन, रास्तों पर पत्थर गिरने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को बीच रास्ते में रोकने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु
अधिकारियों के अनुसार यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और सुरक्षित ठिकानों पर रोका गया है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी असर
खराब मौसम का असर हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी देखा जा रहा है। कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने कहा है कि मौसम अनुकूल होने के बाद ही सेवाएं पूरी तरह सामान्य की जाएंगी।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से कहा है कि वे जल्दबाजी में आगे बढ़ने की कोशिश न करें। यात्रा मार्ग पर मौसम पल-पल बदल रहा है, इसलिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। होटल, धर्मशालाओं और निर्धारित विश्राम स्थलों पर रुककर मौसम साफ होने का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
मौसम सुधरने पर फिर शुरू होगी यात्रा
अधिकारियों का कहना है कि यह रोक स्थायी नहीं है। जैसे ही मौसम में सुधार होगा और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाया जाएगा, केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग की टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। कुछ रिपोर्टों के अनुसार पहले भी मौसम सुधरने के बाद यात्रा को फिर से शुरू किया गया था, इसलिए श्रद्धालुओं को धैर्य रखने की सलाह दी गई है।

