31 may 2026
हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, बैनामा और भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने के लिए की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का नया निर्माण या अवैध गतिविधि न होने दी जाए।
किन गांवों पर लागू हुई रोक?
प्रशासन द्वारा जिन 12 गांवों को अधिसूचना के दायरे में शामिल किया गया है, उनमें मदारपुर, मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौड़ोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचंदवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया शामिल हैं। इन गांवों में फिलहाल जमीन से जुड़े किसी भी नए लेन-देन पर रोक रहेगी।
क्षेत्र को क्या मिलेगा फायदा?
पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित यह ग्रीनफील्ड हाईवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वांचल के बीच तेज संपर्क उपलब्ध कराएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी यात्रा अधिक सुगम हो सकती है।
प्रशासन की चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक यह रोक प्रभावी रहेगी और संबंधित विभागों को सख्ती से आदेशों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह परियोजना उत्तर भारत के महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क में शामिल मानी जा रही है और इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

