26 may 2026
रणवीर सिंह इन दिनों बड़े विवाद में घिर गए हैं। फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी संस्था Federation of Western India Cine Employees ने अभिनेता के खिलाफ “नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव” जारी कर दिया है। आसान शब्दों में कहें तो अब FWICE से जुड़े सदस्य रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। इस फैसले के बाद बॉलीवुड में हलचल तेज हो गई है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या रणवीर का करियर मुश्किल दौर में पहुंच गया है।
मामले की जड़ फिल्म Don 3 बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने कथित तौर पर फिल्म से अचानक दूरी बना ली, जिससे निर्माता-निर्देशक Farhan Akhtar को भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है। इसी के बाद मामला FWICE तक पहुंचा। संस्था का कहना है कि रणवीर को कई बार जवाब देने और बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन उनकी ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
FWICE के इस फैसले का असर केवल फिल्मों तक सीमित नहीं माना जा रहा। संस्था से जुड़े लाखों तकनीशियन, सेट वर्कर्स और अन्य कर्मचारी अब रणवीर से जुड़े प्रोजेक्ट्स से दूरी बना सकते हैं। यही वजह है कि इंडस्ट्री में इसे एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह कानूनी “बैन” नहीं है, बल्कि एक इंडस्ट्री निर्देश है, जिसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
विवाद के बीच रणवीर सिंह की टीम ने भी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता की ओर से कहा गया कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल अपने काम पर है और वे स्थिति को शांत तरीके से संभालना चाहते हैं। वहीं सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनके समर्थन में उतर आए हैं। कई लोग FWICE के फैसले को बेहद कठोर बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे फिल्म इंडस्ट्री में अनुशासन बनाए रखने का जरूरी कदम मान रहे हैं।
इधर फिल्ममेकर Sanjay Gupta ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि किसी बड़े अभिनेता पर रोक लगाने से सबसे ज्यादा नुकसान उन सैकड़ों मजदूरों और कर्मचारियों का होता है, जिनकी रोजी-रोटी फिल्म शूटिंग पर निर्भर करती है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या रणवीर सिंह और फिल्म निर्माताओं के बीच समझौता होगा या यह विवाद आगे और बढ़ेगा। फिलहाल बॉलीवुड में इस मुद्दे ने नई बहस छेड़ दी है कि कलाकारों और प्रोडक्शन हाउस के बीच विवादों में फिल्म यूनियनों की भूमिका आखिर कितनी बड़ी होनी चाहिए।

