23 may 2026
उत्तराखंड में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने को लेकर जारी बहस के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक गतिविधियां तय स्थानों पर ही होनी चाहिए और किसी भी हालत में सड़कों या सार्वजनिक मार्गों को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नमाज मस्जिदों, ईदगाहों और प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों पर ही अदा की जानी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि आम जनता की आवाजाही प्रभावित करना किसी भी व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार का उद्देश्य सभी धर्मों का सम्मान बनाए रखते हुए कानून व्यवस्था और यातायात को सुचारु रखना है।
हाल के दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में सड़क किनारे नमाज पढ़ने की तस्वीरें सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ था। इसी बीच मुख्यमंत्री का बयान सरकार की नीति को लेकर अहम माना जा रहा है। प्रशासन को भी सार्वजनिक स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड शांतिप्रिय राज्य है और यहां सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सार्वजनिक अनुशासन और कानून का भी पालन करें।
राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री के इस बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कुछ संगठनों ने इसे व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से संतुलित रवैया अपनाने की बात कही है।

