देहरादून ; 02.09.2026।
देहरादून। उत्तराखण्ड में तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में काम कर रहे युवा स्टार्टअप उद्यमी रवि टम्टा ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान टम्टा ने अपने महत्वाकांक्षी फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट से जुड़ी तकनीकी जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। उन्होंने अब तक किए गए कार्य, प्रोजेक्ट की प्रगति और आने वाले समय में इसे विकसित करने की अपनी योजना के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने रवि टम्टा के प्रयासों को उत्तराखण्ड के युवाओं की तकनीकी क्षमता और नई सोच का उदाहरण बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनके विचारों को प्रयोग से आगे बढ़ाकर वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए उचित संसाधन, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के नए प्रयोगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने के पक्ष में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रवि टम्टा के स्टार्टअप को सरकार की मौजूदा स्टार्टअप और औद्योगिक नीतियों के तहत मिलने वाली सुविधाओं की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
उद्योग विभाग को दिए सहयोग के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही सचिव उद्योग को निर्देशित किया कि प्रोजेक्ट से संबंधित आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही स्टार्टअप से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने और आवश्यक औपचारिकताओं में सहयोग देने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
धामी ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित उद्यमिता तेजी से रोजगार और आर्थिक विकास का माध्यम बन रही है। उत्तराखण्ड के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस और अन्य उभरते क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। ऐसे प्रयास प्रदेश में नई कंपनियों और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर तकनीकी क्षमता को भी मजबूत कर सकते हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए नई तकनीक की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से उत्तराखण्ड एक चुनौतीपूर्ण राज्य है। यहां कई क्षेत्र दुर्गम और दूरस्थ हैं, जहां परिवहन और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करना हमेशा एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में भविष्य में अत्याधुनिक परिवहन तकनीकों का सुरक्षित और व्यवहारिक इस्तेमाल पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की अत्याधुनिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय तकनीकी गुणवत्ता, यात्री सुरक्षा और नियामकीय मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। किसी भी नई परिवहन तकनीक को व्यावहारिक रूप देने से पहले संबंधित मानकों और आवश्यक अनुमतियों का पालन जरूरी होगा।
लगातार प्रोजेक्ट को विकसित करने में जुटे हैं रवि टम्टा
मुलाकात के दौरान रवि टम्टा ने मुख्यमंत्री को अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट की तकनीकी कार्यप्रणाली और अब तक की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक को विकसित करने के लिए वह लगातार काम कर रहे हैं और आने वाले समय में इसके विभिन्न पहलुओं पर आगे काम करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने युवा नवोन्मेषक को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए ऐसा माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जहां उन्हें अपने नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग मिल सके।
उन्होंने कहा कि नए उत्तराखण्ड की पहचान केवल बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की नई सोच, तकनीकी प्रयोगों और उद्यमिता से भी बनेगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रतिभा और नए विचार रखने वाले युवाओं को उचित मंच मिले और संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। युवाओं के तकनीकी विचारों को प्रोत्साहन देकर उन्हें स्वरोजगार, रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है।

