देहरादून ; 07.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार एक नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। योजना के जरिए प्रदेश के विद्यार्थियों को घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक मार्गदर्शन पहुंचाना है, जो आर्थिक सीमाओं या अपने क्षेत्र में बेहतर कोचिंग संस्थानों की कमी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी नहीं कर पाते हैं। योजना के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों और उपयोगी अध्ययन संसाधनों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय और कॉलेज के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों के साथ-साथ शासकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाली प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
योजना के दायरे में UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं, CDS, SSC, बैंकिंग और रेलवे जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा और पात्रता से जुड़ी परीक्षाओं के लिए भी विद्यार्थियों को तैयारी का अवसर मिलेगा।
CAT से GATE और NET तक तैयारी का अवसर
योजना को केवल सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों को CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी परीक्षाओं के लिए भी मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
इससे अलग-अलग शैक्षणिक और करियर क्षेत्रों में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे युवाओं को एक ही मंच के माध्यम से उपयोगी संसाधन मिल सकेंगे। ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई को जारी रख सकेंगे।
दूरदराज के युवाओं के लिए खास फायदा
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को अक्सर देहरादून, हल्द्वानी या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे पढ़ाई के खर्च के साथ रहने और आने-जाने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी परिवारों पर पड़ता है।
नई योजना ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से मददगार हो सकती है। दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले युवा इंटरनेट के माध्यम से अपने घर से ही विशेषज्ञों की कक्षाओं और अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन्हें बेहतर कोचिंग तक पहुंच बनाने के लिए अपना क्षेत्र छोड़ने की आवश्यकता कम होगी।
आर्थिक बाधाओं के बीच प्रतिभा को आगे बढ़ाने की कोशिश
सरकार का जोर इस बात पर है कि किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की तैयारी केवल इसलिए प्रभावित न हो कि उसके पास महंगी कोचिंग के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा के जरिए युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
योजना के प्रभावी संचालन से प्रदेश के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अतिरिक्त सहारा मिलेगा और खासकर छोटे शहरों तथा ग्रामीण-पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को करियर की नई संभावनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

