3 august 2026 ; Dehradun।
देहरादून। खेलों की दुनिया में उत्तराखंड की बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में देहरादून की युवा खिलाड़ी उन्नति शर्मा ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 63 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गर्व का अवसर दिया, बल्कि पूरे प्रदेश के खेल प्रेमियों के लिए भी यह खुशी और प्रेरणा का क्षण बन गया।
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्नति ने सबसे पहले अपने पिता विनेश शर्मा को फोन कर अपनी सफलता की जानकारी दी। बेटी की आवाज सुनते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पदक जीतने की खबर कुछ ही देर में रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों तक पहुंच गई, जिसके बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार ने इस सफलता को वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम बताया।
देहरादून की डिफेंस कॉलोनी स्थित उनके आवास पर रविवार को पूरे दिन लोगों का आना-जाना लगा रहा। क्षेत्र के खेल प्रेमियों, सामाजिक लोगों और शुभचिंतकों ने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए उन्नति की उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया। सभी ने उम्मीद जताई कि उनकी यह सफलता प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी।
उन्नति का खेल सफर बचपन से ही अनुशासन और लगातार अभ्यास से जुड़ा रहा है। परिवार ने हमेशा उनकी रुचि को समझते हुए हर संभव सहयोग दिया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी के लिए उन्होंने कर्नाटक स्थित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में कोच जीवन के निर्देशन में विशेष प्रशिक्षण लिया। लंबे समय तक चले कठिन अभ्यास और तकनीकी तैयारी का परिणाम ग्लासगो में उनके शानदार प्रदर्शन के रूप में सामने आया।
उन्नति के खेल जीवन की शुरुआत भी बेहद प्रभावशाली रही। वर्ष 2013-14 में मणिपुर में आयोजित सब-जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर भविष्य की संभावनाओं का संकेत दे दिया था। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए अपनी पहचान मजबूत की। अब तक एशियाई चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर वह भारतीय महिला कुश्ती की उभरती हुई खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुकी हैं।
उनके कोच सतीश शर्मा का कहना है कि उन्नति की सबसे बड़ी ताकत उनकी मेहनत, धैर्य और सीखने की ललक है। उन्होंने हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा और हर प्रतियोगिता से नया अनुभव हासिल किया। यही निरंतर प्रयास आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक दिलाने में सफल रहा।
जानकारी के अनुसार, उन्नति के चार अगस्त को देहरादून लौटने की संभावना है। उनके स्वागत को लेकर खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। सभी को उम्मीद है कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी देगी।
उन्नति शर्मा की यह सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी है, जो यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का नाम गर्व से ऊंचा किया जा सकता है।

