देहरादून ; 08.09.2026।
देहरादून। नगर निगम देहरादून की तस्वीर में अब 20 मनोनीत पार्षदों के रूप में नए चेहरे जुड़ने जा रहे हैं। नगर निगम में मनोनीत पार्षदों के नामों की सूची जारी कर दी गई है। इसमें शहर के विभिन्न हिस्सों से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। सूची में बालावाला क्षेत्र के खेमराज उनियाल का नाम भी शामिल है। नियुक्तियों के बाद नगर निगम से जुड़े राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
जारी सूची में अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। मनोनीत पार्षदों में विजय भट्ट, अवनीश कोठारी, मंगल सिंह राठौर, सुषमा जोशी, कैप्टन सुख बहादुर गुरूंग, कमल थापा, प्रमिला देवी, अभिषेक बोहरा, देवेंद्र पाल सिंह मोटी, अजय पाल, रमेश चंद्र काला, रुक्मणी पंवार, रोकर नौटियाल, विनय कुकसाल, अभिषेक परमार, जगदीश प्रसाद सेमवाल, जीवन रावत, सुरेंद्र मित्तल, के लक्ष्मी और खेमराज उनियाल के नाम शामिल हैं।
शहर के अलग-अलग हिस्सों को मिलेगा प्रतिनिधित्व
मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के बाद नगर निगम के स्तर पर शहर के विभिन्न इलाकों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का दायरा बढ़ सकता है। संबंधित पार्षद अपने क्षेत्रों में लोगों से जुड़े विषयों को समझकर उन्हें नगर निगम के समक्ष रखने में भूमिका निभाएंगे।
देहरादून शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। पुराने शहरी क्षेत्रों के साथ ही बाहरी इलाकों में भी आबादी और निर्माण गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके चलते नगर निगम के सामने सड़क, सफाई, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित मांगें लगातार बनी रहती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय समस्याओं को निगम तक पहुंचाने की होगी जिम्मेदारी
नए मनोनीत पार्षदों के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिक समस्याओं को नगर निगम के स्तर पर प्रभावी तरीके से रखना होगी। किसी इलाके में सड़क की समस्या है तो कहीं जल निकासी या सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं। इसी तरह स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषय भी स्थानीय लोगों के लिए अहम हैं।
माना जा रहा है कि मनोनीत पार्षद इन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों और नगर निगम के मंच तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। इससे क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का अवसर मिलेगा।
बालावाला क्षेत्र से खेमराज उनियाल का नाम
20 नामों वाली सूची में बालावाला क्षेत्र के खेमराज उनियाल को भी मनोनीत पार्षद बनाया गया है। उनके नाम को लेकर क्षेत्र में भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। अब क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वे स्थानीय मुद्दों को किस तरह नगर निगम के सामने रखते हैं।
बालावाला समेत देहरादून के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए स्थानीय आवश्यकताओं को निगम तक पहुंचाना अहम भूमिका होगी।
नगर निगम की राजनीति में भी बढ़ सकती है सक्रियता
मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति का असर केवल क्षेत्रीय मुद्दों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इससे नगर निगम की बैठकों, चर्चाओं और राजनीतिक गतिविधियों में भी नए चेहरों की भागीदारी बढ़ेगी। अलग-अलग क्षेत्रों से आए पार्षद अपने अनुभव और स्थानीय फीडबैक के आधार पर निगम से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी इन प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। विकास कार्यों की जरूरत, स्थानीय शिकायतों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने में इनकी सक्रियता काम आ सकती है।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती
जिम्मेदारी मिलने के साथ ही नए मनोनीत पार्षदों के सामने लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती भी होगी। स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को केवल उठाना ही नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
आने वाले दिनों में इन पार्षदों की सक्रियता से यह स्पष्ट होगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के लिए कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं। फिलहाल 20 मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के साथ नगर निगम देहरादून में जनप्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ा है और शहर की स्थानीय राजनीति में नई गतिविधियों की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

