Close Menu
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
ब्रेकिंग न्यूज़ -
  • मुख्यमंत्री धामी की पहल से ग्लेशियर झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती, सरस्वती ताल-केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल रवाना।
  • अभियोजन में तेजी के साथ तय हो जवाबदेही, दोषियों को जल्द मिले सजा: मुख्य सचिव।
  • साक्षर उत्तराखंड के बाद अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर बढ़ेगा प्रदेश: मुख्यमंत्री धामी।
  • महिला सशक्तिकरण के साथ मातृ स्वास्थ्य पर जोर, धामी सरकार की जनकल्याणकारी सोच को नई दिशा दे रही महालक्ष्मी किट।
  • किलिमंजारो फतह करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोहियों से मिले सीएम धामी, साहस और संकल्प की सराहना।
  • जलागम से नदी तंत्र तक वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर, MIKE Hydro Basin प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू।
  • सीमावर्ती गांवों में विकास की नई तस्वीर बनाने की तैयारी, हर जिले से चुने जाएंगे पांच बड़े प्रोजेक्ट।
  • हिमालय की विरासत बचाने के साथ विकास की नई राह पर उत्तराखंड, विज्ञान और पर्यावरण को लेकर देहरादून में हुआ व्यापक मंथन।
  • उत्तराखंड में SIR को मिला अतिरिक्त समय, 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची।
  • पर्वतीय युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, सीएम धामी शुरू करेंगे ‘युवा भविष्य निर्माण योजना’।
Tuesday, September 8
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
Demo
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • क्राइम
Login
Devbhoomi KhabarDevbhoomi Khabar
Home»उत्तराखण्ड»मुख्यमंत्री धामी की पहल से ग्लेशियर झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती, सरस्वती ताल-केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल रवाना।
उत्तराखण्ड देहरादून

मुख्यमंत्री धामी की पहल से ग्लेशियर झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती, सरस्वती ताल-केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल रवाना।

Monika RawatBy Monika RawatSeptember 8, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp

देहरादून, 8 सितंबर 2026।

देहरादून। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में स्थित ग्लेशियर झीलों से जुड़े संभावित खतरों को कम करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निगरानी और वैज्ञानिक अध्ययन की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में चमोली जिले की सरस्वती ताल और उत्तरकाशी जिले की केदारताल का विस्तृत सर्वेक्षण करने के लिए विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मंगलवार को रवाना हुई।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) से सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने विशेषज्ञ दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान को राज्य की आपदा तैयारियों के लिहाज से अहम बताते हुए विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं।

संभावित खतरे की पहले होगी पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन कर संभावित आपदाओं के जोखिम को पहले से समझने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जरूरी है कि खतरे की पहचान समय रहते हो और प्रभावित क्षेत्रों तक चेतावनी भी तेजी से पहुंचाई जा सके।

इसी सोच के तहत ग्लेशियर झीलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है। जलस्तर में बदलाव दर्ज करने वाले सेंसर, निगरानी उपकरण, संचार प्रणाली और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से संभावित खतरे के संकेतों को समय पर प्राप्त करने पर जोर दिया जा रहा है।

13 संवेदनशील झीलों पर सरकार की नजर

राज्य में कुल 13 ग्लेशियर झीलों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इनमें से चार झीलों का सर्वेक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि अन्य संवेदनशील झीलों को भी चरणबद्ध तरीके से वैज्ञानिक जांच के दायरे में लाया जा रहा है।

सरस्वती ताल और केदारताल के मौजूदा सर्वेक्षण में झीलों के जलस्तर, आकार में बदलाव, आसपास के भू-भाग और संभावित जोखिम पैदा करने वाले कारणों का अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी आकलन होगा कि झील से जुड़ी किसी अप्रत्याशित घटना का डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में कितना प्रभाव पड़ सकता है।

हजारों मीटर की ऊंचाई पर होगा चुनौतीपूर्ण अभियान

सरस्वती ताल करीब 5,700 मीटर और केदारताल लगभग 4,750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। अत्यधिक ऊंचाई और कठिन हिमालयी परिस्थितियों के बीच विशेषज्ञों की टीम मौके पर जाकर आवश्यक तकनीकी जानकारी और आंकड़े जुटाएगी।

सर्वेक्षण से मिलने वाली जानकारी के आधार पर भविष्य में इन झीलों की निगरानी, चेतावनी तंत्र और जोखिम न्यूनीकरण की योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य संभावित आपदा के बाद राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय पहले से जोखिम का आकलन कर नुकसान की संभावना को न्यूनतम करना है।

कई संस्थानों के विशेषज्ञ अभियान में शामिल

सर्वेक्षण अभियान में USDMA, ULMMC, बाबा साहनी पुराविज्ञान संस्थान लखनऊ, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, NIH रुड़की, SDRF, NDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ शामिल हैं। विभिन्न संस्थानों की तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाकर ग्लेशियर झीलों का बहुआयामी अध्ययन किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्लेशियर झीलों से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक और जोखिम न्यूनीकरण उपायों पर लगातार काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त), एसीईओ क्रियान्वयन एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Monika Rawat

Related Posts

अभियोजन में तेजी के साथ तय हो जवाबदेही, दोषियों को जल्द मिले सजा: मुख्य सचिव।

September 8, 2026
Read More

साक्षर उत्तराखंड के बाद अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर बढ़ेगा प्रदेश: मुख्यमंत्री धामी।

September 8, 2026
Read More

महिला सशक्तिकरण के साथ मातृ स्वास्थ्य पर जोर, धामी सरकार की जनकल्याणकारी सोच को नई दिशा दे रही महालक्ष्मी किट।

September 8, 2026
Read More
Leave A Reply Cancel Reply







Top Posts

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी सौगात: हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी समेत कई जिलों की विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार

July 9, 2026109

नामी बिल्डर से फोन कर 25 लाख मांगे, बदनाम और ब्लैकमेल करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाई।

January 20, 202650

1 जुलाई से आम लोगों को राहत भी, बढ़ा खर्च भी: गैस, पेट्रोल-डीजल और पासपोर्ट से जुड़े बड़े बदलाव लागू

July 1, 202643

रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि: भूस्खलन से छेनागाड़ तबाह, 15 दुकानें व घर जमीदोंज, आठ लोग नदी में बहे, महिला की मौत

August 30, 202543
Weather

Devbhoomi Khabar is a Hindi News Portal. Launched in 2025, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

Editor: Monika Rawat
Address: Kalinga Vihar, Majri Mafi, Mohkam Pur Kala, Dehradun, Uttarakhand, India 248001
Email Us: devbhoomikhabaruk@gmail.com

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp Telegram
Our Picks

मुख्यमंत्री धामी की पहल से ग्लेशियर झीलों की निगरानी को मिलेगी मजबूती, सरस्वती ताल-केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल रवाना।

September 8, 2026

अभियोजन में तेजी के साथ तय हो जवाबदेही, दोषियों को जल्द मिले सजा: मुख्य सचिव।

September 8, 2026

साक्षर उत्तराखंड के बाद अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर बढ़ेगा प्रदेश: मुख्यमंत्री धामी।

September 8, 2026
Most Popular

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी सौगात: हरिद्वार, देहरादून और उत्तरकाशी समेत कई जिलों की विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार

July 9, 2026109

नामी बिल्डर से फोन कर 25 लाख मांगे, बदनाम और ब्लैकमेल करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाई।

January 20, 202650

रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि: भूस्खलन से छेनागाड़ तबाह, 15 दुकानें व घर जमीदोंज, आठ लोग नदी में बहे, महिला की मौत

August 30, 202543
© 2026 Devbhoomi Khabar. All rights reserved.
  • होम
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?