देहरादून ; 29.08.2026।
मसूरी। बारिश के मौसम में मसूरी की खूबसूरती भले ही बरकरार हो, लेकिन इसका असर यहां के पर्यटन कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार खराब मौसम के बीच देहरादून-मसूरी सड़क पर भूस्खलन की घटनाओं ने पर्यटकों की चिंता बढ़ा दी है। हालात को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं ने होटल कारोबारियों की मुश्किल और बढ़ा दी है। नतीजा यह है कि जिन होटलों में इस मौसम में पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती थी, वहां इस बार कमरों की मांग काफी कमजोर है।
पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, समस्या केवल बारिश या सड़क पर मलबा आने तक सीमित नहीं है। असली परेशानी तब बढ़ती है, जब सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल जाती है। कई बार रास्ता बहाल होने के बाद भी उसी घटना की तस्वीरें और वीडियो दोबारा प्रसारित होने लगते हैं। इससे मसूरी आने वाले लोग यात्रा को लेकर दोबारा विचार करने लगते हैं।
बुकिंग रद्द होने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी
होटल संचालकों का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। कई लोगों ने पहले से कराई गई बुकिंग भी निरस्त कर दी है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्थानीय बाजार तक पहुंच रहा है। पर्यटन पर निर्भर छोटे कारोबारियों के लिए बारिश का यह दौर आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल पर्यटन कारोबार में करीब 20 फीसदी की कमी महसूस की जा रही है। उनका कहना है कि देहरादून-मसूरी मार्ग पर कुछ मौकों पर मलबा आने से यातायात थोड़े समय के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन ऐसा नहीं है कि सड़क लगातार लंबे समय तक बंद रही हो। मसूरी शहर में किसी बड़े नुकसान की स्थिति नहीं है।
पुरानी तस्वीरों से पैदा हो रहा भ्रम
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के मुताबिक, इंटरनेट पर प्रसारित होने वाली पुरानी तस्वीरें और वीडियो भी पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। किसी स्थान पर सड़क बाधित होने की सूचना आने के बाद उसकी तस्वीरें लंबे समय तक सोशल मीडिया पर घूमती रहती हैं, जबकि वास्तविक स्थिति तब तक सामान्य हो चुकी होती है।
उनका कहना है कि इसी वजह से दूसरे राज्यों और शहरों से मसूरी आने वाले कई पर्यटक अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं या पूरी तरह रद्द कर रहे हैं। होटल कारोबार में इसका असर सीधे दिखाई दे रहा है।
सिर्फ होटल नहीं, पूरा स्थानीय बाजार प्रभावित
होटल व्यवसायी अनिल गोदियाल के अनुसार, पांच जुलाई से रुक-रुककर हो रही बारिश ने पर्यटन गतिविधियों को कमजोर किया है। पर्यटकों की संख्या घटने से होटल संचालकों के साथ रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य स्थानीय व्यापारियों की बिक्री भी प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन को मौसम और सड़क की वास्तविक स्थिति की जानकारी लोगों तक लगातार पहुंचानी चाहिए, ताकि अफवाहों के कारण पर्यटक मसूरी से दूरी न बनाएं।
जुलाई-अगस्त में ऑक्यूपेंसी 25-30 फीसदी
होटल व्यवसायी आशीष गोयल के अनुसार, मानसून के दौरान सामान्य तौर पर पर्यटकों की संख्या कम रहती है, लेकिन इस बार सड़क से जुड़ी घटनाओं और उनके बारे में फैल रही खबरों ने स्थिति को और कमजोर किया है। जुलाई और अगस्त में होटलों की औसत ऑक्यूपेंसी करीब 25 से 30 फीसदी के आसपास रही।
आधिकारिक जानकारी से कम हो सकता है भ्रम
पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि बारिश के दौरान संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ सड़क की स्थिति की प्रमाणिक जानकारी भी नियमित रूप से जारी की जानी चाहिए। इससे पर्यटकों को वास्तविक स्थिति पता चलेगी और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का असर कम किया जा सकेगा।
कारोबारियों का कहना है कि मसूरी को लेकर यह स्पष्ट संदेश जाना जरूरी है कि शहर में पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हैं। मौसम की चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सही सूचना और बेहतर सड़क प्रबंधन के जरिए पर्यटकों का भरोसा कायम रखा जा सकता है।

