देहरादून ; 28.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में नवंबर में रिक्त होने जा रही राज्यसभा की एक सीट को लेकर भाजपा के भीतर सियासी हलचल बढ़ गई है। सीट पर किस नेता को मौका मिलेगा, इसे लेकर प्रदेश से लेकर केंद्रीय स्तर तक मंथन शुरू हो चुका है। इस बार भाजपा ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में प्रदेश स्तर पर सीमित पैनल तैयार करने के बजाय संभावित दावेदारों के नाम केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का रास्ता अपनाया है।
प्रदेश संगठन की ओर से कुल 15 नामों की सूची भाजपा हाईकमान को भेजी गई है। अब इन नामों में से अंतिम चयन केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में राज्यसभा की इस सीट के लिए दावेदारी कर रहे नेताओं की निगाहें पार्टी के केंद्रीय निर्णय पर टिकी हैं।
पहले पैनल भेजने की थी तैयारी, फिर बदली रणनीति
राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की हालिया बैठक में संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा की गई थी। बैठक के बाद संकेत थे कि प्रदेश संगठन अपनी ओर से कुछ नामों का पैनल तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगा। हालांकि बाद में पार्टी की रणनीति में बदलाव हुआ।
केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद प्रदेश संगठन ने किसी छोटे पैनल के बजाय 15 संभावित नामों की सूची भेज दी। इस सूची में पार्टी के पार्लियामेंट बोर्ड से जुड़े नेताओं समेत संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं। अब केंद्रीय स्तर पर इन नामों पर विचार के बाद उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
25 नवंबर को खाली होगी राज्यसभा की सीट
उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट 25 नवंबर को रिक्त हो रही है। इस सीट के लिए चुनाव कार्यक्रम पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया छह अक्टूबर तक चलेगी। चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही भाजपा के भीतर उम्मीदवार के नाम को लेकर चर्चा भी तेज होने की उम्मीद है।
प्रदेश संगठन द्वारा नामों की सूची भेजे जाने के बाद अब निर्णय का अधिकार पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के पास है। इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाली पार्टी की बैठकों और शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव की छाया में तय होगा राज्यसभा का चेहरा
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को केवल एक सीट भरने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा के लिए यह फैसला राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उम्मीदवार तय करते समय पार्टी विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है। महिला प्रतिनिधित्व, अनुसूचित जाति-जनजाति, युवा वर्ग और अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने जैसे पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा जातीय और सामाजिक समीकरण भी चयन प्रक्रिया में ध्यान में रखे जा सकते हैं।
भाजपा के केंद्रीय संगठन में हाल में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व मिलने के बाद राज्य से जुड़े कुछ नेताओं की भूमिका भी चर्चा में आई है। राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय रहे नेताओं और आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से उपयोगी माने जा रहे चेहरों को लेकर भी पार्टी के भीतर विचार किया जा रहा है।
नए प्रदेश प्रभारी के दौरे से भी बढ़ेगी संगठनात्मक सक्रियता
राज्यसभा सीट को लेकर चल रही कवायद के बीच भाजपा का प्रदेश संगठन भी चुनावी तैयारियों को धार देने में जुट गया है। उत्तराखंड के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राम माधव दो अक्टूबर से तीन अक्टूबर तक देहरादून प्रवास पर रहेंगे। उनके साथ पार्टी की सह प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज भी प्रदेश दौरे पर रहेंगी। प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहेंगे।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश प्रभारी और दोनों सह प्रभारियों का यह उत्तराखंड का पहला दौरा होगा। इसलिए पार्टी संगठन के लिहाज से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठन और धामी सरकार के साथ होगी अहम बैठक
तीन अक्टूबर को प्रदेश भाजपा संगठन और पुष्कर सिंह धामी सरकार के साथ बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
नई प्रभारी टीम प्रदेश में पार्टी की तैयारियों का जायजा लेने के साथ संगठन की जमीनी स्थिति की जानकारी भी लेगी। बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन की सक्रियता, चुनावी तैयारियों तथा सरकार और संगठन के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में आगामी महीनों के लिए पार्टी की प्राथमिकताएं तय करने और चुनावी रोडमैप को अंतिम रूप देने पर भी विचार हो सकता है। राज्यसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव की तैयारियां एक साथ चलने के कारण प्रदेश भाजपा के लिए आने वाला समय काफी सक्रिय रहने वाला है।
अब केंद्रीय फैसले का इंतजार
प्रदेश संगठन द्वारा 15 नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने के बाद राज्यसभा सीट को लेकर अब अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ में है। किस नाम को आगे किया जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल दावेदारों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है और पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर भी केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर बनी हुई है।
एक ओर राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर नई प्रभारी टीम के दौरे से विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी गति मिलने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिन उत्तराखंड भाजपा की राजनीति के लिहाज से खासे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

