देहरादून ; 27.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SSR-2027) को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर अभियान की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने, मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया।
सभी मतदान केंद्रों का होगा स्थलीय निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और मतदाताओं की पहुंच से जुड़ी व्यवस्थाओं का विशेष रूप से आकलन किया जाएगा। जिन केंद्रों के भवन जर्जर अथवा अनुपयोगी स्थिति में हैं, उन्हें नजदीकी उपयुक्त सरकारी भवन में स्थानांतरित करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
अगले 10 दिन मतदाता सूची की जांच पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आगामी 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित परिजनों के नाम सहित अन्य विवरणों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गलती या अधूरी जानकारी मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। जिन मतदाताओं के विवरण में संशोधन की जरूरत होगी, उनके लिए फॉर्म-8 भरवाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में सही और अद्यतन जानकारी दर्ज करना तथा पुनरीक्षण अभियान शुरू होने से पहले उपलब्ध अभिलेखों की कमियों को दूर करना है।
12 नवंबर से शुरू होगा SSR-2027 अभियान
बैठक में अधिकारियों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 की समयसारिणी और कार्ययोजना की जानकारी दी गई। यह अभियान 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, विवरण में सुधार कराने अथवा अन्य आपत्तियां दर्ज कराने के लिए नागरिकों को निर्धारित अवधि उपलब्ध होगी।
निर्वाचन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अभियान की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
- 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
- 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
- 28 दिसंबर 2026 तक: प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण एवं सुनवाई।
- 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अभियान के प्रत्येक चरण को निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा किया जाए, जिससे मतदाताओं को आवेदन और आपत्तियों के निस्तारण में अनावश्यक परेशानी न हो।
फॉर्म-7 जमा करने की सीमा की भी दी गई जानकारी
बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया गया। निर्धारित जानकारी के अनुसार, दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की पूरी अवधि के दौरान कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों के नियमानुसार निस्तारण के लिए इन प्रावधानों की जानकारी संबंधित पक्षों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया गया।
ईवीएम-वीवीपैट की जांच की भी समीक्षा
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी पुनरीक्षण अभियान के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर की जा रही तैयारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल रहे।
निर्वाचन विभाग की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना, मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और पूरी प्रक्रिया को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराना है।

