देहरादून ; 27.10.2026,
गैरसैंण। उत्तराखंड की राजनीति और विकास से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा के लिए भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार से दो दिन तक सदन की कार्यवाही चलेगी। सत्र के पहले दिन सरकार 7400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट सहित विभिन्न विधायी प्रस्ताव सदन के सामने रखेगी। इसके साथ ही पांच विभागीय प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए जाएंगे। वित्तीय योजनाओं, शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और जनहित से जुड़े विषयों के कारण इस सत्र पर सभी की नजरें रहेंगी।
सत्र की तैयारियों के सिलसिले में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायक गैरसैंण पहुंच गए। कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने अलग-अलग बैठकें कर सदन में उठाए जाने वाले विषयों पर विचार किया। दोनों दलों ने अपने विधायकों के साथ चर्चा कर सत्र की रूपरेखा तैयार की।
अतिरिक्त बजट से जुड़े प्रस्ताव सदन में आएंगे
पहले दिन की कार्यवाही में 7400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रमुख रहेगा। इसके जरिए चालू वित्तीय वर्ष के लिए अतिरिक्त धनराशि से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। सदन में इन वित्तीय प्रावधानों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं और सरकारी योजनाओं पर भी चर्चा का अवसर रहेगा।
इसके अलावा सिंचाई, शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन, निवेश और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित विधायी प्रस्ताव भी कार्यसूची का हिस्सा हैं। इन प्रस्तावों पर होने वाली प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों के नियमों और व्यवस्थाओं में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी सामने आएगी।
विधायकों की बैठकों में तय हुए प्रमुख विषय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। इसमें सत्र की कार्यवाही, सरकार की ओर से रखे जाने वाले विषयों और विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई। इसमें अंकिता भंडारी प्रकरण, महंगाई, रोजगार और एसआईआर जैसे विषयों के साथ अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जरूरतों पर चर्चा हुई। पार्टी ने इन मुद्दों को सदन में रखने की तैयारी की है।
कांग्रेस की ओर से मंगलवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी निर्धारित है। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात रखेंगे। विधानसभा परिसर में विधायी कार्यवाही के साथ बाहर होने वाली गतिविधियां भी दिनभर के कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगी।
10 विधायी प्रस्तावों में शामिल हैं कई महत्वपूर्ण क्षेत्र
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, सत्र के दौरान अनुपूरक बजट सहित कुल 10 विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें सिंचाई एवं जल निकासी, राजकोषीय उत्तरदायित्व, बजट प्रबंधन, निवेश, आधारभूत संरचना, जनविश्वास प्रावधान, अल्पसंख्यक शिक्षा, उच्च शिक्षा, सिविल विधि, अग्निशमन सेवाओं और माल एवं सेवा कर से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
इन विधेयकों का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रावधानों को सदन के सामने रखना है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इन पर चर्चा और आगे की विधायी कार्रवाई की जाएगी।
445 सवालों के जरिए विभागों से मांगी गई जानकारी
सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 445 सवाल लगाए हैं। प्रश्नों के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यों और क्षेत्रीय जरूरतों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। सदन में प्रश्नों पर होने वाली कार्यवाही के दौरान विभागीय कामकाज और जनसुविधाओं से संबंधित कई विषय सामने आ सकते हैं।
पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि भी अर्पित की जाएगी। इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार बजट, विधेयकों और विभागीय प्रतिवेदनों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
गैरसैंण सत्र में विकास योजनाओं पर रहेगी नजर
दो दिवसीय सत्र में वित्तीय प्रस्तावों के साथ प्रदेश की विकास संबंधी जरूरतों और जनहित के विषयों को महत्व मिलने की संभावना है। अनुपूरक बजट, विधायी बदलावों और विधायकों की ओर से उठाए गए सवालों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
सत्र के दौरान सदन में प्रस्तुत प्रस्तावों और विभागों की ओर से दी जाने वाली जानकारी से प्रदेश की योजनाओं तथा वित्तीय प्राथमिकताओं से संबंधित पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।

