देहरादून ; 26.10.2026,
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अपने एक दिवसीय पिथौरागढ़ दौरे के दौरान अपने पैतृक गांव हड़खोला पहुंचे। मुख्यमंत्री के गांव आगमन पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनकी पत्नी गीता धामी भी साथ मौजूद रहीं। अपने पैतृक क्षेत्र पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उनके गांव पहुंचने से स्थानीय लोगों में उत्साह दिखाई दिया और ग्रामीणों को मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।
हरि चंद देवता मंदिर में परिवार सहित की पूजा-अर्चना
हड़खोला पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार के साथ गांव स्थित श्री हरि चंद देवता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने देवता के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली तथा निरंतर प्रगति की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के कल्याण और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की।
उत्तराखंड की संस्कृति में ग्राम देवताओं और पारंपरिक धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व है। पहाड़ी समाज में इन मंदिरों को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी भी माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का अपने पैतृक गांव स्थित मंदिर में परिवार सहित पहुंचना इस दौरे का प्रमुख हिस्सा रहा। पूजा-अर्चना के माध्यम से उन्होंने अपनी पारिवारिक और स्थानीय धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का भाव भी प्रदर्शित किया।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, जाना लोगों का हालचाल
मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने गांव के स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों, बच्चों और बुजुर्गों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और गांव के लोगों के साथ समय बिताया। इस दौरान बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा बच्चों और अन्य ग्रामीणों से भी सहज संवाद किया।
मुख्यमंत्री की ग्रामीणों से यह मुलाकात उनके दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू रही। गांव के लोगों के बीच पहुंचकर उन्होंने औपचारिक कार्यक्रमों से अलग स्थानीय नागरिकों के साथ सीधे संवाद किया। ग्रामीण परिवेश में लोगों से मिलना, उनका हाल जानना और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना पहाड़ी समाज की उन परंपराओं को भी दर्शाता है, जिनमें आपसी सम्मान, आत्मीयता और सामाजिक संबंधों को विशेष स्थान दिया जाता है।
पैतृक गांव से जुड़ाव रहा दौरे का खास पहलू
पिथौरागढ़ जनपद के भ्रमण के दौरान अपने पैतृक गांव हड़खोला पहुंचना मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। अपने गांव की धरती पर पहुंचकर मंदिर में दर्शन करना और स्थानीय लोगों से मिलना उनके दौरे को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष बनाता है। पहाड़ों में पैतृक गांव का संबंध केवल निवास स्थान तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह परिवार की परंपराओं, स्थानीय संस्कृति, सामाजिक रिश्तों और पुरानी स्मृतियों से भी जुड़ा रहता है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर लोगों के साथ संवाद किया और उनके हालचाल जाने। गांव के बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त करने तथा बच्चों से मुलाकात करने के दौरान स्थानीय स्तर पर अपनत्व का वातावरण देखने को मिला। इस तरह उनका यह प्रवास धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपने मूल परिवेश और ग्रामीण समाज से संपर्क बनाए रखने का अवसर भी रहा।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के हड़खोला आगमन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और इस दौरान गांव में मेल-मिलाप का माहौल रहा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मंदिर में पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना और ग्रामीणों से मुलाकात प्रमुख गतिविधियां रहीं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पैतृक गांव हड़खोला का यह दौरा धार्मिक आस्था, पारिवारिक परंपरा और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद पर केंद्रित रहा। हरि चंद देवता मंदिर में दर्शन से लेकर बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने और ग्रामीणों का कुशलक्षेम पूछने तक, इस यात्रा में अपने गांव और क्षेत्र से जुड़े रहने का भाव प्रमुखता से दिखाई दिया।

