देहरादून ; 05.09.2026।
ऋषिकेश। राजकीय उप जिला चिकित्सालय में भर्ती एक नवजात की शनिवार को मौत हो गई। जन्म के बाद से ही बच्चे की हालत चिंताजनक थी और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसी बीच बच्चे की मां अस्पताल से अचानक चली गई और वापस नहीं लौटी। महिला के इस तरह गायब होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी थी। अब नवजात की मौत के बाद पुलिस महिला का पता लगाने में जुटी है।
मामला उस समय सामने आया जब प्रसव के लिए अस्पताल लाई गई महिला ने बच्चे को जन्म देने के कुछ समय बाद उसे अस्पताल में ही छोड़ दिया। महिला के साथ एक पुरुष भी अस्पताल पहुंचा था। दोनों ने स्वयं को पति-पत्नी बताया था। अस्पताल में भर्ती के दौरान जब उनसे पहचान के कागजात मांगे गए तो उन्होंने बताया कि वे बिहार से आए हैं और फिलहाल उनके पास दस्तावेज मौजूद नहीं हैं।
महिला को तत्काल उपचार की जरूरत होने के कारण अस्पताल कर्मियों ने कागजी औपचारिकताओं के बजाय उसकी चिकित्सा को प्राथमिकता दी। महिला का प्रसव कराया गया और नवजात को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। लेकिन जन्म के बाद बच्चे की सेहत को लेकर डॉक्टरों की चिंता बनी रही। उसे सांस संबंधी परेशानी थी और उसकी हालत लगातार नाजुक बताई जा रही थी।
अस्पताल के अनुसार, तीन सितंबर को महिला बच्चे को वार्ड में छोड़कर चली गई। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और उसी दिन पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल में बच्चे की देखभाल और इलाज जारी रखा गया। मां के नहीं होने के बावजूद चिकित्सकों ने नवजात को उपचार उपलब्ध कराया।
हालांकि, बच्चे की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं आया। आखिरकार पांच सितंबर को नवजात ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना भी अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को दे दी गई है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद सिंह राणा ने बताया कि महिला के अस्पताल से गायब होने की सूचना पुलिस को पहले ही दी जा चुकी थी। नवजात की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में ही भर्ती रखकर इलाज किया जा रहा था। शनिवार को बच्चे की मृत्यु हो गई।
ऋषिकेश कोतवाली पुलिस के मुताबिक महिला की तलाश की जा रही है। अस्पताल में महिला और उसके साथ आए पुरुष के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस उनकी पहचान और संभावित ठिकाने का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े किए हैं। एक ओर नवजात जन्म के बाद गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से जूझ रहा था, वहीं दूसरी ओर उसकी मां के अचानक चले जाने के कारण उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह अस्पताल पर आ गई। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही महिला के अस्पताल छोड़ने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

