देहरादून ; 03.09.2026।
देहरादून। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन की तैयारियों के बीच प्रदेश सरकार ने संगठन की पांच प्रमुख मांगों को लेकर गंभीरता दिखाई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में फार्मासिस्टों की समस्याओं पर विभागीय अधिकारियों के साथ बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों और उनसे जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा। पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण संगठन ने 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रतिनिधियों ने सरकार से मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया।
एसोसिएशन की ओर से मुख्य रूप से 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले फार्मेसी अधिकारियों को प्रथम पदोन्नति वाले पद का वेतनमान दिए जाने की मांग रखी गई। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में स्वीकृत 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को सक्रिय करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
फार्मासिस्टों ने प्रदेश में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 को लागू करने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति की स्थिति में निर्धारित औषधियां उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने तथा चारधाम यात्रा ड्यूटी से संबंधित लंबित भुगतान जारी करने की मांग भी रखी। यात्रा ड्यूटी के दौरान सामने आने वाली व्यवस्थागत दिक्कतों में सुधार का विषय भी बैठक में उठाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बात विस्तार से सुनी। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक मांग की वर्तमान स्थिति और उस पर विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। अधिकारियों ने मांगों से संबंधित प्रक्रियाओं और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में एसोसिएशन के पदाधिकारियों को अवगत कराया।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों की तुलना में अलग हैं। प्रदेश के पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के मानव संसाधन और सेवाओं को प्रभावी बनाना आवश्यक है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपनी बात रखी।
सरकार और फार्मासिस्ट संगठन के बीच हुई इस बैठक को प्रस्तावित आंदोलन की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब मांगों पर विभागीय स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई और सरकार के निर्णय पर एसोसिएशन की अगली रणनीति निर्भर करेगी।

