देहरादून ; 06.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में तैयार होने वाले सेब, कीवी और अन्य प्राकृतिक उत्पाद अब सीधे देहरादून के उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से 8 और 9 अक्टूबर को आईटी पार्क स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में ‘सेब महोत्सव 3.0’ आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।
महोत्सव का उद्घाटन 8 अक्टूबर को उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन करेंगे। कार्यक्रम में कृषि सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े अन्य हितधारकों की भागीदारी प्रस्तावित है।
किसानों को मिलेगा सीधे बाजार तक पहुंचने का अवसर
नाबार्ड की ओर से आयोजित इस आयोजन का फोकस केवल सेब की बिक्री तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि और ग्रामीण गतिविधियों से जुड़े किसानों, जनजातीय समुदायों तथा कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं के सामने रख सकें।
महोत्सव में उत्तराखंड के पांच जनपदों में नाबार्ड समर्थित जनजातीय विकास परियोजनाओं और FPOs से जुड़े उत्पादक अपने उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। इससे ग्रामीण उत्पादकों को स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बनाने के साथ उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क का अवसर भी मिलेगा।
हर्षिल से रामगढ़ तक के सेब बनेंगे आकर्षण
इस बार महोत्सव में पर्वतीय क्षेत्रों के उच्च गुणवत्ता वाले सेब खास आकर्षण रहेंगे। हर्षिल, चकराता और रामगढ़ क्षेत्र से ‘ए’ ग्रेड के सेब बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इनमें रॉयल डिलीशियस, गोल्डन डिलीशियस, गाला और रेड डिलीशियस जैसी लोकप्रिय किस्में शामिल हैं।
सेब के साथ ही कपकोट और रामगढ़ के कृषक उत्पादक संगठनों से जुड़ी प्राकृतिक तरीके से तैयार की गई कीवी भी उपभोक्ताओं को खरीदने के लिए मिलेगी। ऐसे में महोत्सव पर्वतीय बागवानी उत्पादों को शहर के बाजार से जोड़ने का एक अहम माध्यम बन सकता है।
एक ही जगह मिलेंगे पहाड़ के कई ग्रामीण उत्पाद
महोत्सव में आने वाले लोगों को केवल फलों की खरीदारी तक सीमित विकल्प नहीं मिलेंगे। यहां ताजी सब्जियां, देशी घी, जैविक सरसों का तेल, जैविक गुड़, जैविक दालें, हिमालयी शहद और कई अन्य प्राकृतिक उत्पाद भी उपलब्ध रहेंगे।
इसके अलावा उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान से जुड़े उत्पाद भी आयोजन का हिस्सा होंगे। GI टैग वाले उत्पाद, ऐपण कला, ताम्र शिल्प और रिंगाल से तैयार हस्तशिल्प समेत विभिन्न ग्रामीण एवं पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।
उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच बनेगा सीधा संपर्क
नाबार्ड का मानना है कि ऐसे आयोजनों के जरिए ग्रामीण उत्पादकों को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने का अवसर मिलता है। वहीं शहर के लोगों को भी पर्वतीय क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को उनके उत्पादकों से सीधे जानने और खरीदने का मौका मिलता है।
‘सेब महोत्सव 3.0’ के माध्यम से कृषि उत्पादों के साथ-साथ ग्रामीण उद्यमिता, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
परिवार के साथ पहुंचने की अपील
नाबार्ड ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित महोत्सव में परिवार एवं मित्रों के साथ पहुंचने की अपील की है। आयोजन में आने वाले लोग उत्तराखंड के अलग-अलग पर्वतीय क्षेत्रों से आए उत्पादों को देख सकेंगे और अपनी पसंद के कृषि, प्राकृतिक तथा हस्तशिल्प उत्पाद खरीद सकेंगे।
स्थान: नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय परिसर, आईटी पार्क, देहरादून
तिथि: 8 एवं 9 अक्टूबर 2026
समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक

