7 june 2026
अल्मोड़ा के हवालबाग में मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया समाज का असली नायक, परंपरागत खेती के संरक्षण का दिया संदेश
अल्मोड़ा। कल यानी शनिवार 6 जून को हवालबाग में आयोजित खेती बचाओ अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भागीदारी के बाद प्रदेश में प्राकृतिक और परंपरागत खेती को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को समाज का असली नायक बताते हुए खेती बचाओ अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप मिलने की बात कही गई थी, जिसके बाद कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि उत्तराखंड की पहचान उसकी पारंपरिक कृषि व्यवस्था, जैविक उत्पादों और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी हुई है। ऐसे में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया था।
मुख्यमंत्री के संदेश के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों ने भी प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया है। उनका मानना है कि इससे खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल सकेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत खेती के संरक्षण से स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हवालबाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
खेती बचाओ अभियान को लेकर अब विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों और किसान संवादों को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के आह्वान के बाद प्राकृतिक खेती और कृषि संरक्षण को लेकर अभियान को और अधिक मजबूती मिलेगी।

