17 june 2026
देहरादून। उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेशभर में अब तक 88 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। इस प्रगति की समीक्षा अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में की और अभियान को अगले चरण में ले जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उन जिलों की विशेष प्रशंसा की गई, जिन्होंने गणना प्रपत्रों के वितरण में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अधिकारियों ने कहा कि जिन जिलों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य पूरा किया है, वे अब दूसरे चरण के तहत प्राप्त प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू करें। इससे मतदाता संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित किया जा सकेगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके लिए घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं, ताकि मतदाता अपनी व्यक्तिगत जानकारी का सत्यापन कर सकें और आवश्यक संशोधन समय रहते किए जा सकें।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रपत्र वितरण के साथ-साथ डेटा एंट्री और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के कार्य में भी तेजी लाई जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि प्राप्त प्रपत्रों की जानकारी बिना किसी त्रुटि के ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज हो, जिससे भविष्य में मतदाता सूची के सत्यापन और प्रबंधन की प्रक्रिया आसान हो सके।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता मतदाता सूची की शुद्धता पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक जिले को निर्धारित समयसीमा के भीतर शेष प्रपत्रों का वितरण पूरा करने और डिजिटाइजेशन कार्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने और अभियान को जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रदेश में एसआईआर अभियान के तहत अब प्रशासन का ध्यान दोहरे लक्ष्य पर केंद्रित है—एक ओर शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण सुनिश्चित करना और दूसरी ओर प्राप्त सूचनाओं को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित करना। निर्वाचन विभाग का मानना है कि यह पहल आगामी चुनावों के लिए अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

