16 june 2026
बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के दूरस्थ सिलगार ग्राम पंचायत के पातल गांव के युवा पवन बचखेती ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस सफलता से गांव में उत्साह का माहौल है और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने की नई प्रेरणा मिली है।
पवन बचखेती का चयन भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित एएफसीएटी (Air Force Common Admission Test) परीक्षा के माध्यम से हुआ था। चयन के बाद उन्होंने दिसंबर 2024 में हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया। कठोर अनुशासन, शारीरिक दक्षता और तकनीकी प्रशिक्षण के कई चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्होंने 13 जून को आयोजित पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। इसी समारोह में उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्रदान किया गया।
पवन की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और समर्पण के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
ग्रामीणों का कहना है कि पवन बचपन से ही पढ़ाई और अनुशासन के प्रति गंभीर रहे हैं। वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना उन्होंने छात्र जीवन में ही देख लिया था और उसी दिशा में निरंतर प्रयास करते रहे। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के सामने संसाधनों की कमी बाधा नहीं बन सकती।
पवन के फ्लाइंग ऑफिसर बनने की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिवार के सदस्यों ने भी इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया।
पवन बचखेती की यह उपलब्धि पहाड़ के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और देशसेवा के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

