देहरादून ; 30.08.2026,
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार देर रात से जारी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता सामने ला दी है। लगातार और रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह पहाड़ी दरकने से सड़क पर मलबा और बड़े बोल्डर आ गए। इसके चलते मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खराब मौसम और घने कोहरे ने वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
मसूरी-दून मार्ग के किलोमीटर संख्या 21, 23 और 24 के आसपास पहाड़ से मलबा गिरने के कारण सड़क के हिस्से प्रभावित हुए। अचानक बोल्डर और मिट्टी सड़क पर आने से वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई। यातायात सुचारु रखने के लिए चालकों को बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ा। बारिश के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने की आशंका के चलते इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है।
पानीवाला बैंड में धंसा पुश्ता, आबादी पर बढ़ा खतरा
बारिश का सबसे गंभीर असर पानीवाला बैंड क्षेत्र में देखने को मिला, जहां आवासीय भवनों के नीचे की जमीन लगातार खिसक रही है। कुछ दिन पहले बनाया गया भारी पुश्ता भी बारिश का दबाव नहीं झेल सका और धंस गया। इसके बाद आसपास रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी दीपक रावत के मुताबिक, उनके घर और रेस्टोरेंट के नीचे पहाड़ लगातार कमजोर हो रहा है। स्थिति को देखते हुए उनके परिवार के चार सदस्यों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में करीब चार परिवारों के भवनों पर खतरा बना हुआ है और यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो अन्य लोगों को भी अपने घर खाली करने पड़ सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानीवाला बैंड के समीप बह रहे नाले का स्थायी उपचार बेहद जरूरी है। यदि पानी की निकासी और नाले के ट्रीटमेंट की व्यवस्था जल्द नहीं की गई तो बारिश के दौरान पहाड़ के खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। इससे आसपास की आबादी के साथ-साथ मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग भी प्रभावित हो सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की भी बढ़ी चिंता
भूस्खलन के कारण केवल आवासीय भवन ही खतरे की जद में नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र में मौजूद होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी चिंतित हैं। पहाड़ के नीचे से जमीन खिसकने की स्थिति लगातार बनी रहने से भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
बारिश के साथ घने कोहरे ने थामी शहर की रफ्तार
मसूरी शहर में बारिश के साथ घना कोहरा भी छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग सहित शहर के आंतरिक रास्तों पर वाहनों की गति कम रही। चालकों को मोड़ वाले और ढलान वाले हिस्सों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। बारिश और कोहरे के कारण सड़क पर फिसलन भी बढ़ गई, जिससे सफर करने वालों को परेशानी हुई।
लगातार बारिश के चलते मसूरी के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आई ठंडक के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि खराब मौसम का असर पर्यटकों के उत्साह पर ज्यादा नहीं पड़ा। हल्की बारिश और कोहरे के बीच कई पर्यटक माल रोड पर घूमते और पहाड़ी मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए।
बारिश के कारण मसूरी के आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी धुंध का असर नजर आया। जहां सामान्य दिनों में दूर तक पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है, वहीं मौसम खराब होने पर अधिकांश क्षेत्र कोहरे की चादर में ढके रहे।
लगातार बारिश ने जहां मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती को धुंध में छिपा दिया है, वहीं भूस्खलन और कमजोर होते पहाड़ों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पानीवाला बैंड सहित संवेदनशील क्षेत्रों में बारिश के दौरान हालात पर नजर रखना और जल निकासी व सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी हो गया है।

