6 august 2026 ; Dehradun।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच स्वच्छता व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए नगर निगम ने इस वर्ष ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को पहले से अधिक प्रभावी रूप में लागू किया है। आधुनिक तकनीक की मदद से अब कांवड़ मार्गों की लगातार हवाई निगरानी की जा रही है, जिससे उन स्थानों तक भी नजर पहुंच रही है जहां सामान्य निरीक्षण के दौरान तत्काल पहुंचना संभव नहीं होता।
नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ का दायरा इतना व्यापक होता है कि पूरे मार्ग पर हर स्थान की लगातार मानवीय निगरानी करना व्यावहारिक नहीं है। इसी चुनौती को देखते हुए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया गया है। ड्रोन नियमित रूप से पूरे कांवड़ मार्ग का सर्वेक्षण कर रहे हैं और ऐसे स्थानों की पहचान कर रहे हैं जहां झाड़ियों, डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे या भीड़ के बीच कूड़ा जमा होने की संभावना रहती है।
ड्रोन के माध्यम से जैसे ही किसी स्थान पर गंदगी दिखाई देती है, उसकी तस्वीर और जियोटैग लोकेशन तुरंत नगर निगम के व्हाट्सएप कमांड ग्रुप पर साझा कर दी जाती है। इस ग्रुप में सफाई निरीक्षक, जोन प्रभारी और ड्रोन संचालन से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र के सफाई निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी जाती है और सफाई दल को मौके पर भेज दिया जाता है।
नगर निगम ने इस पूरी प्रक्रिया को जवाबदेह बनाने के लिए सफाई पूरी होने के बाद उसी स्थान की ‘आफ्टर क्लीनिंग’ तस्वीर साझा करने की व्यवस्था भी लागू की है। इससे अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने में आसानी हो रही है कि शिकायत या सूचना पर वास्तव में कार्रवाई हुई है और सफाई कार्य समय पर पूरा किया गया है।
स्वच्छता के अलावा ड्रोन का उपयोग कांवड़ मार्ग पर घूमने वाले आवारा पशुओं की पहचान और उन्हें हटाने के लिए भी किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित न हो और यातायात सुचारु बना रहे। इसके साथ ही सफाई कर्मियों की तैनाती, डस्टबिन की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और सड़क किनारे जमा अपशिष्ट पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
नगर निगम का मानना है कि तकनीक के उपयोग से केवल सफाई व्यवस्था ही मजबूत नहीं हुई है, बल्कि पूरी कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनी है। कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजन में यह व्यवस्था स्वच्छता प्रबंधन को नई दिशा देने के साथ प्रशासनिक निगरानी को भी अधिक प्रभावी बना रही है।

