देहरादून ; 03.10.2026,
हल्द्वानी/रुद्रपुर। शहरों के प्रमुख हिस्सों को नया स्वरूप देने और लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हल्द्वानी से लेकर उधमसिंह नगर तक कई परियोजनाएं आकार ले रही हैं। इन योजनाओं में शहरों के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण, पार्कों का विकास, हरितीकरण, खेल सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक बस अड्डे और पार्किंग कॉम्प्लेक्स जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए आवास एवं राज्य सम्पत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया।
हल्द्वानी में शहर के प्रवेश और प्रमुख आवागमन वाले स्थानों को आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हैराखान चौराहे पर प्रस्तावित रोटरी को मानसखंड की थीम से जोड़ा जाएगा। वहीं कुसुमखेड़ा में बनने वाली रोटरी में नारी शक्ति की अवधारणा को केंद्र में रखा गया है। यानी शहर के चौराहे सिर्फ यातायात व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति और सामाजिक संदेश से जोड़ने की तैयारी है।
इसी कड़ी में रामलीला मैदान के पास स्थित डीके पार्क को भी विकसित करने की योजना है। यहां लोगों के लिए ओपन जिम लगाए जाने के साथ पार्क के स्वरूप में सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर नरीमन क्षेत्र में लगभग 200 मीटर लंबे रोड मीडियन को हराभरा बनाने की योजना है। इसके लिए पौधरोपण और लैंडस्केपिंग का काम प्रस्तावित है। इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इसी महीने टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।
हाईकोर्ट की प्रस्तावित जमीन भी देखी
दौरे के दौरान हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर प्रस्तावित स्थल की स्थिति, उपलब्ध भूमि और इससे संबंधित जानकारी सचिव के सामने रखी। इस दौरान संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
रुद्रपुर में खेल सुविधाओं पर फोकस
उधमसिंह नगर पहुंचने के बाद रुद्रपुर में मोदी मैदान के आसपास प्रस्तावित इंडोर और आउटडोर स्टेडियम की योजना की समीक्षा की गई। सचिव ने स्टेडियम के ले-आउट और कार्ययोजना को देखा तथा पहले सुझाए गए बदलावों को शामिल करने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू करने को कहा। परियोजना के जरिए क्षेत्र में खेल गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है।
12.48 करोड़ का बस अड्डा तैयार
किच्छा के खुर्पिया फार्म में तैयार हो चुका आधुनिक बस अड्डा भी निरीक्षण का प्रमुख केंद्र रहा। करीब 3.50 एकड़ भूमि पर 12.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस बस अड्डे का निर्माण पूरा होने के बाद 15 अप्रैल 2026 को परिवहन विभाग को हस्तांतरण किया जा चुका है।
बस अड्डे की लोकेशन को देखते हुए इसे क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके नजदीक एम्स सैटेलाइट सेंटर और पंतनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होने के कारण भविष्य में यहां से यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता भी देखी गई।
सितारगंज में पार्किंग के साथ बाजार को मिलेगी नई सुविधा
सितारगंज के मुख्य बाजार में करीब 3.51 एकड़ जमीन पर विकसित किए जा रहे पार्क और पार्किंग कॉम्प्लेक्स से बाजार क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को कम करने के साथ लोगों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। लगभग 9.75 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 48 वाहनों की पार्किंग के अलावा 12 आधुनिक दुकानें बनाई जा रही हैं।
परिसर में शौचालय, ओपन जिम, बच्चों के खेलने के लिए स्थान और हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। परियोजना का अधिकांश काम पूरा होने के बाद अब फिनिशिंग से जुड़े कार्यों पर जोर है। सचिव ने इन कामों को गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा कराने और अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश दिए।
पूरे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली गई। सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने पर जोर दिया। निरीक्षण में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जय किशन, पंकज कुमार उपाध्याय, पी. के. दीक्षित, नरेन्द्र नवानी, कैलाश डुंगवाल, ए.पी. वाजपेयी, अभिषेक, समीर अहमद, प्रदीप सिंह, रोहित बिष्ट, प्रदीप अवस्थी, टिया डालाकोटी और प्रेरणा नैनवाल समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
