देहरादून ; 20.08.2026।
देहरादून। हिमाद्री आइस रिंक में इन दिनों रफ्तार और रोमांच का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 के तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। तीन दिन के मुकाबलों के बाद भारत के नाम 26 पदक हो चुके हैं, जिससे वह पदक तालिका में सबसे आगे बना हुआ है।
घरेलू दर्शकों के सामने उतर रहे भारतीय स्केटर्स ने अलग-अलग आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खास तौर पर जूनियर खिलाड़ियों ने कई रेस में पोडियम तक पहुंचकर प्रतियोगिता में भारत की मौजूदगी को और प्रभावशाली बनाया। छोटी दूरी की रेस होने के कारण खिलाड़ियों के लिए हर सेकंड बेहद अहम रहा और कई मुकाबले आखिरी क्षण तक खुले रहे।
सिद्धांत ने जीता सोना, यश ने भी बनाई जगह
जूनियर-सी बालक 500 मीटर रेस भारत के लिए सबसे खास मुकाबलों में रही। सिद्धांत मांजरे ने 45.56 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसी रेस में भारत के यश परिजात जामदार ने 45.99 सेकंड में फिनिश कर दूसरा स्थान हासिल किया। हांगकांग के मैन कार्ल को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
भारत को जूनियर-डी बालक 333 मीटर में कीर्ति राज सिंह ने कांस्य पदक दिलाया। उन्होंने 32.28 सेकंड का समय दर्ज किया। इसके अलावा जूनियर-बी पुरुष 500 मीटर में अद्वय कोठारी और जूनियर-ए पुरुष 500 मीटर में प्रणव माधव सुरापनेनी ने भी कांस्य पदक हासिल किया।
सीनियर महिला वर्ग में साई सहाना का रजत
सीनियर खिलाड़ियों में साई सहाना ने भारतीय अभियान को एक और पदक दिलाया। महिला 500 मीटर में उन्होंने 50.90 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि सीनियर वर्ग में एशियाई देशों के अनुभवी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है।
प्रतियोगिता में चीन और दक्षिण कोरिया के अलावा हांगकांग, थाईलैंड, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया और मंगोलिया के खिलाड़ी भी चुनौती पेश कर रहे हैं। कई रेस में खिलाड़ियों के बीच इतना कम अंतर रहा कि परिणाम तय करने के लिए फोटो-फिनिश का सहारा लेना पड़ा।
भारत के सामने अब अंतिम दिन की चुनौती
तीन दिन के प्रदर्शन के बाद भारत ने 8 स्वर्ण, 7 रजत और 11 कांस्य पदक जुटाए हैं। चीन 17 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। हांगकांग के पास 15 और थाईलैंड के खाते में 13 पदक हैं। हालांकि स्वर्ण पदकों की संख्या में थाईलैंड और भारत के बीच भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
अब प्रतियोगिता का आखिरी दिन भारतीय दल के लिए निर्णायक होगा। घरेलू बर्फ का फायदा उठाते हुए भारतीय स्केटर्स की नजर न सिर्फ पदकों की संख्या बढ़ाने पर होगी, बल्कि शीर्ष स्थान को मजबूती के साथ बनाए रखने पर भी रहेगी। अंतिम दिन की स्पर्धाओं में छोटी-सी गलती भी पदक के समीकरण को बदल सकती है, ऐसे में खिलाड़ियों के लिए गति के साथ सही टाइमिंग और संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
तीन दिनों के बाद भारत का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि देश के शॉर्ट ट्रैक स्केटर्स एशियाई स्तर की चुनौती का सामना करने के लिए तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। अब सबकी नजर प्रतियोगिता के अंतिम दिन होने वाले मुकाबलों पर टिकी है।

