देहरादून ; 05.09.2026।
देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 19 शिक्षकों को वर्ष 2025 के शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने चयनित शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।
सम्मान पाने वाले शिक्षकों में प्रारंभिक शिक्षा से 12, माध्यमिक शिक्षा से छह और प्रशिक्षण संस्थान से एक शिक्षक शामिल रहे। समारोह में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका मंजूबाला को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
शिक्षकों के योगदान को बताया समाज की ताकत
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के समर्पण और नवाचारपूर्ण कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों का सम्मान दूसरे शिक्षकों को भी नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से तैयार होती है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल विद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि समाज निर्माण से भी जुड़ी हुई है।
प्रारंभिक शिक्षा के 12 शिक्षक सम्मानित
प्रारंभिक शिक्षा वर्ग में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 12 शिक्षकों को पुरस्कार के लिए चुना गया। इनमें चमोली के विष्णुपाल सिंह नेगी, पौड़ी गढ़वाल के लखपत सिंह रावत, उत्तरकाशी के पृथ्वी सिंह रावत, देहरादून के बीरेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार के रोबिन कुमार, टिहरी के महेश्वर प्रसाद सेमवाल, रुद्रप्रयाग के शशिकांत नौटियाल, चंपावत के जहीर अब्बास, ऊधमसिंह नगर के नौ सिंह, नैनीताल की डॉ. श्वेता, पिथौरागढ़ के विक्रम सिंह परिहार और अल्मोड़ा के त्रिलोक सिंह अधिकारी शामिल रहे।
इन शिक्षकों को उनके शैक्षिक कार्य, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
माध्यमिक शिक्षा के छह शिक्षकों को मिला सम्मान
माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी छह शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। इनमें पौड़ी गढ़वाल के नरेंद्र सिंह नेगी, चमोली की डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा, देहरादून के कमलेश पंवार, चंपावत के डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव, हरिद्वार के चंद्र पंत और नैनीताल के विशन सिंह मेहता शामिल हैं।
वहीं प्रशिक्षण संस्थान की श्रेणी में उत्तरकाशी के डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट को शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शिक्षा मंत्री बोले—दूसरों के लिए बनेंगे मिसाल
समारोह में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक अपने कार्यों और अनुभवों के माध्यम से प्रदेश के अन्य शिक्षकों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर और उनके भविष्य पर पड़ता है।
राज्य सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय कार्य करने वाले शिक्षकों को हर वर्ष शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस सम्मान का उद्देश्य शिक्षकों के बेहतर कार्यों को पहचान देना और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
समारोह में सम्मानित शिक्षकों के कार्यों को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने भी सम्मान को अपने लिए गौरव का विषय बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी पूरी निष्ठा के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

