देहरादून ; 31.08.2026।
देहरादून। आईएसबीटी देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना हुई उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक्सप्रेसवे पर चलते समय उसके एक टायर से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही क्षणों में टायर ने आग पकड़ ली। चालक ने खतरे को भांपते हुए बस को तत्काल सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद परिचालक की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया। समय पर उठाए गए कदम से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक, रोडवेज की बस संख्या यूके 07 पीए 5202 सोमवार सुबह करीब छह बजे देहरादून आईएसबीटी से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बस में सवार यात्रियों के अनुसार, शुरुआत से ही वाहन की रफ्तार सामान्य नहीं थी। करीब एक घंटे के सफर के बाद, सुबह लगभग सात बजे शाकुंभरी चौक से कुछ आगे देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर बस के एक टायर से धुआं दिखाई देने लगा।
धुआं दिखते ही चालक ने बस रोकी
चलती बस से धुआं निकलता देखकर यात्रियों में बेचैनी फैल गई। कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट होने लगी कि समस्या बस के टायर में है। चालक ने बिना देरी किए वाहन को नियंत्रित करते हुए किनारे पर खड़ा कर दिया। बस रुकते ही यात्रियों को नीचे उतारा गया। निरीक्षण के दौरान एक टायर में आग लगी हुई मिली।
गनीमत रही कि आग बढ़ने से पहले ही बस को रोक लिया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, कुछ समय के लिए यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सफर शुरू होने के कुछ ही देर बाद सामने आई तकनीकी समस्या
इस घटना ने लंबी दूरी की बसों की रवाना होने से पहले होने वाली तकनीकी जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों के मुताबिक, बस आईएसबीटी से निकलने के बाद से ही अपेक्षाकृत धीमी चल रही थी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या बस को दिल्ली जैसे लंबे रूट पर भेजने से पहले उसके टायर, ब्रेक और अन्य जरूरी तकनीकी हिस्सों की पर्याप्त जांच की गई थी।
टायर में खराबी का चलते सफर के दौरान सामने आना खास तौर पर चिंता का विषय है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की तेज आवाजाही के बीच अगर धुआं समय पर नजर नहीं आता और बस को रोकने में थोड़ी भी देर होती, तो आग गंभीर रूप ले सकती थी। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे वाहनों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता था।
यात्रियों को दूसरी बस से किया गया रवाना
घटना के बाद बस में सवार यात्रियों को कुछ समय तक सड़क किनारे दूसरी व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। बाद में देहरादून से दूसरी रोडवेज बस भेजी गई। यात्रियों को उसमें स्थानांतरित कर दिल्ली की ओर रवाना किया गया।
यात्रियों ने इस घटना के बाद रोडवेज प्रबंधन से बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की जांच को और गंभीर बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबी दूरी के रूट पर भेजे जाने वाले वाहनों की नियमित जांच केवल औपचारिकता न रहकर सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल: क्या रवाना होने से पहले पूरी हुई थी जांच?
बस में आग लगने की इस घटना ने परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा तैयारियों को लेकर एक अहम सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। खासकर लंबी दूरी के रूट पर चलने वाली बसों में टायर और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की स्थिति का समय रहते पता लगाना बेहद जरूरी है। सोमवार सुबह की घटना में चालक की सतर्कता से यात्रियों की जान पर आया संभावित खतरा टल गया, लेकिन इसने रोडवेज बसों की फिटनेस जांच व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत भी सामने रख दी है।

