देहरादून ; 03.09.2026।
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं से जुड़ने वाले युवाओं के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर चयनित 88 युवा और गन्ना पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्त 13 अभ्यर्थी शामिल रहे।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में प्रवेश केवल नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। अब उनके ज्ञान और नई सोच का उपयोग प्रदेश के विकास और आम लोगों की समस्याओं के समाधान में होना चाहिए।
सरकारी सेवा को जनसेवा से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपनी कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाते हुए सरकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय आम नागरिक की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कर्मचारियों से यह भी कहा कि किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचाना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ को कार्यप्रणाली का आधार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करने से ही जनता का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।
पशुपालन को ग्रामीण रोजगार का मजबूत आधार बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पशुपालन विभाग का काम सीधे तौर पर प्रदेश के गांवों और ग्रामीण परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन है। इसके साथ ही यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को केवल पारंपरिक आजीविका के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के संभावनाशील क्षेत्र के तौर पर विकसित करने पर काम कर रही है।
सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन जैसी योजनाओं के जरिए पशुपालकों को सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां अनुदान के माध्यम से उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गन्ना किसानों के लिए तकनीक और पारदर्शिता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों से जुड़े विषयों पर भी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण की प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों के लिए प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए गन्ना क्लीनिक और परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, नई तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य में उत्तर प्रदेश की तुलना में 5 रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता को बेहतर बनाना है।
किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद करने की नसीहत
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ कार्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्हें किसानों और पशुपालकों के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना होगा। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन करने से सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें और उनके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास करें। सरकारी तंत्र में नई ऊर्जा और नई सोच लाने में युवा कार्मिक अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी और खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर एवं दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन. पाण्डेय समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
101 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही विभागों को नई कार्यशक्ति मिली है। अब इन नवनियुक्त कार्मिकों के सामने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचाने और किसानों-पशुपालकों की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

