देहरादून ; 29.10.2026,
लंबित भुगतान निपटाने, स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने और सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखण्ड में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और विद्युत निगमों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) तथा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में निगमों की आर्थिक स्थिति, विभिन्न विभागों पर लंबित बिजली बिलों, विकास कार्यों के भुगतान और आगामी शीतकाल में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों निगमों के प्रबंध निदेशकों ने अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों और संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस पर धामी ने अधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन बेहतर बनाने, भुगतान में होने वाली देरी दूर करने और आवश्यक धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
सरकारी विभागों पर 539.61 करोड़ रुपये की देनदारी
समीक्षा बैठक में सामने आया कि 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के रूप में करीब 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं। इतनी बड़ी राशि लंबित रहने से विद्युत निगमों की वित्तीय व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से भुगतान समय पर कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों की ओर से लंबित विद्युत देनदारियों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने और भुगतान प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया गया, ताकि निगमों को आर्थिक दबाव से राहत मिल सके और बिजली आपूर्ति से जुड़े कार्य प्रभावित न हों।
अनुपूरक बजट की शेष राशि जारी करने के निर्देश
बैठक में अनुपूरक बजट के अंतर्गत विभिन्न मदों के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग और स्वीकृति से जुड़े विषय भी उठाए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुपूरक बजट में स्वीकृत राशि के सापेक्ष लगभग 166 करोड़ रुपये की शेष धनराशि उपाकालि को जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
इस धनराशि की उपलब्धता से संबंधित कार्यों के भुगतान में तेजी लाने और लंबित वित्तीय मामलों को निपटाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत कराए जा रहे कार्यों, पूंजीगत परियोजनाओं और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए समय पर बजट उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा की गई।
सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर प्रीपेड व्यवस्था पर जोर
भारत सरकार की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत पहले चरण में सरकारी कार्यालयों और भवनों में लगे स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने की योजना पर भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के लिए जरूरी बजट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि उपाकालि की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुरूप प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर भी ध्यान देने को कहा गया। इस पहल के क्रियान्वयन के लिए बजट और विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया।
सर्दियों में बिजली आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी
प्रदेश में शीतकाल के दौरान बिजली की मांग में संभावित वृद्धि को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बैठक में इस अवधि के लिए जरूरी वित्तीय प्रावधानों और संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी की जाए। आपूर्ति व्यवस्था से संबंधित आवश्यक खर्चों और अन्य वित्तीय जरूरतों का आकलन कर समय रहते कदम उठाए जाएं, जिससे सर्दियों में उपभोक्ताओं को बिजली की उपलब्धता में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सौर स्वरोजगार योजना और विकास कार्यों के भुगतान की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से संबंधित कार्यों के भुगतान की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा उपाकालि द्वारा कराए जा रहे ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कार्यों के सापेक्ष लंबित धनराशि की उपलब्धता का विषय भी रखा गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पूरे किए जा रहे कार्यों और लंबित भुगतान से जुड़े मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। पूंजीगत कार्यों के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन जुटाने और भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने को कहा गया।
उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों और देनदारियों का मामला भी उठा
समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के बंटवारे से संबंधित लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से जुड़े विवरण तथा ट्रांसफर स्कीम के अंतर्गत देय धनराशि के विषय में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस प्रक्रिया से जुड़े वित्तीय मामलों के समाधान को निगमों की आर्थिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित प्रकरणों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों को आगे बढ़ाया जाए।
वित्तीय अनुशासन और समयबद्ध भुगतान पर फोकस
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल और पिटकुल के अधिकारियों को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा लंबित देनदारियों के निस्तारण के लिए व्यावहारिक कदम उठाने को कहा। उन्होंने भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान तय समयसीमा में करने और विकास कार्यों की प्रगति के अनुरूप वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित विभागों और विद्युत निगमों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु: सरकारी विभागों पर 539.61 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया, अनुपूरक बजट की करीब 166 करोड़ रुपये की शेष राशि जारी करने के निर्देश, सरकारी भवनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू करने की तैयारी और सर्दियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

