देहरादून ; 28.10.2026,
देहरादून। उत्तराखंड में करवा चौथ के पर्व को देखते हुए राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रदेश की महिला कार्मिकों के लिए 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में शासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले को महिलाओं की धार्मिक आस्था, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक भावनाओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
करवा चौथ उत्तर भारत में विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत रखती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। त्योहार की तैयारियों से लेकर पूजा-पाठ और पारिवारिक आयोजनों तक महिलाओं की सक्रिय भूमिका रहती है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से महिला कार्मिकों के लिए अवकाश की घोषणा को त्योहार के महत्व को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि करवा चौथ महिलाओं की आस्था, प्रेम और पारिवारिक विश्वास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। भारतीय संस्कृति में इस त्योहार का विशेष स्थान है और यह परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। राज्य सरकार महिलाओं की धार्मिक मान्यताओं, भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनके हितों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक मूल्यों को महत्व देना भी जरूरी है। त्योहारों के अवसर पर लोगों की भावनाओं को समझते हुए निर्णय लेना सामाजिक समरसता और आपसी सम्मान की भावना को बढ़ावा देता है।
महिला कार्मिकों को मिलेगी त्योहार मनाने की सुविधा
29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से प्रदेश की महिला कार्मिकों को करवा चौथ के अवसर पर अपनी पारिवारिक परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों के लिए समय मिल सकेगा। नौकरी और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बनाए रखने वाली महिलाओं के लिए त्योहारों के दौरान समय का विशेष महत्व होता है। ऐसे अवसरों पर अवकाश मिलने से उन्हें व्रत की तैयारियों, पूजा की व्यवस्था और परिवार के साथ त्योहार मनाने में सुविधा हो सकती है।
सरकार के इस फैसले से यह संदेश भी सामने आता है कि कार्यस्थल की जिम्मेदारियों के साथ कर्मचारियों की पारिवारिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए। विशेष रूप से उन महिला कर्मचारियों के लिए यह निर्णय उपयोगी माना जा सकता है, जिन्हें नियमित कार्यालयी कार्यों के साथ घर-परिवार की जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं।
सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक त्योहारों को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से भी जुड़ी हुई है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास की गति बनाए रखने के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं और पर्वों से जुड़ी भावनाओं को भी मजबूती मिले। त्योहार समाज को एक सूत्र में बांधने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने का माध्यम भी बनते हैं।
उन्होंने कहा कि करवा चौथ जैसे पर्व परिवारों में प्रेम, विश्वास, आपसी समझ और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं। ऐसे त्योहारों के माध्यम से पारिवारिक रिश्तों की अहमियत सामने आती है और सामाजिक जीवन में अपनापन बढ़ता है। सरकार इन भावनाओं का सम्मान करते हुए जनहित से जुड़े निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
शासन ने जारी किया अवकाश का आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शासन की ओर से 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को प्रदेश की महिला कार्मिकों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ करवा चौथ के अवसर पर महिला कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में राज्य सरकार ने अपना निर्णय स्पष्ट कर दिया है।
सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला महिलाओं की आस्था और पारिवारिक परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। इसके साथ ही यह भी रेखांकित होता है कि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ कर्मचारियों की सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, करवा चौथ पर महिला कार्मिकों के लिए अवकाश की घोषणा उत्तराखंड सरकार की ओर से महिलाओं की भावनाओं और पारंपरिक पर्वों के महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय है। 29 अक्टूबर को घोषित यह अवकाश महिला कर्मचारियों को त्योहार के अवसर पर अपने परिवार के साथ समय बिताने और परंपराओं का पालन करने का अवसर प्रदान करेगा।

