देहरादून ; 09.09.2026।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण के अनुकूल और लंबे समय तक उपयोगी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप राज्य संपत्ति विभाग ने विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की कार्ययोजनाओं को गति दी है। इसी कड़ी में रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में आधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण और देहरादून के रेसकोर्स में नए सरकारी आवास विकसित करने की योजनाओं की समीक्षा की गई।
राज्य संपत्ति एवं आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठकों में दोनों परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठकों में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री धामी की प्राथमिकता के अनुरूप सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ पर्यावरण संरक्षण, कम रखरखाव लागत और भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाए।
धामी सरकार की योजना में रतूड़ा को मिलेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह
रुद्रप्रयाग जिले के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर सरकारी आधारभूत ढांचे को विकसित करने की सोच का हिस्सा है। परियोजना के लिए करीब 48.84 करोड़ रुपये का विस्तृत आगणन तैयार किया गया है, जिसकी बैठक में समीक्षा की गई।
प्रस्तावित अतिथि गृह में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉन्फ्रेंस हॉल विकसित किया जाएगा। इससे सरकारी बैठकों, प्रशासनिक संवाद और महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार का प्रयास है कि राज्य के पर्वतीय इलाकों में तैयार होने वाली सरकारी परिसंपत्तियां केवल औपचारिक भवन न रहकर वास्तविक जरूरतों के अनुरूप उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित हों।
मुख्यमंत्री धामी की पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्राथमिकता के अनुरूप निर्माण स्थल पर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को NGT के मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा भवन स्थल की नदी से निर्धारित न्यूनतम 200 मीटर दूरी बनाए रखने को कहा गया है। संबंधित प्रमाण-पत्र को भी विभागीय रिकॉर्ड में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिथि गृह के वास्तु और बाहरी स्वरूप को आकर्षक बनाने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार तथा केंद्रीय भवन पर बड़े आकार का लोगो लगाने की योजना भी बनाई गई है। इससे भवन की अलग पहचान स्थापित करने के साथ परिसर को एक व्यवस्थित और प्रभावशाली स्वरूप दिया जा सकेगा।
देहरादून में धामी सरकार देगी नए सरकारी आवासों की सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकारी कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पुराने परिसरों के पुनर्विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में जर्जर भवनों को हटाकर उपलब्ध भूमि पर 48 नए श्रेणी-3 आवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
इस परियोजना पर करीब 28.07 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए आवासों के निर्माण से सरकारी कार्मिकों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की विकास नीति के अनुरूप परियोजना में भवन निर्माण के साथ उसके भविष्य के रखरखाव को भी महत्व दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भवनों के बाहरी हिस्सों में ऐसी सामग्री और फिनिशिंग का उपयोग हो, जिसकी देखभाल में कम खर्च आए और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।
ग्रीन बिल्डिंग और जल संरक्षण पर भी सरकार का फोकस
धामी सरकार की विकास योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। इसी सोच के तहत रेसकोर्स की नई आवासीय परियोजना में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इससे बारिश के पानी को संरक्षित करने और जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलेगी। इस तरह परियोजना को आधुनिक आवासीय सुविधा के साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्वतीय विकास में स्थानीय वास्तुकला को बढ़ावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में विकास कार्यों को स्थानीय परिस्थितियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण के दौरान वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय वास्तुशैली को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में आवासीय और राज्य संपत्ति से जुड़े कार्यों को तय प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री धामी की इस नीति के तहत सरकारी परिसंपत्तियों को नई उपयोगिता देने का प्रयास किया जा रहा है। रतूड़ा का आधुनिक अतिथि गृह हो या देहरादून में प्रस्तावित नए सरकारी आवास, दोनों परियोजनाओं में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और भविष्य के रखरखाव को जोड़कर काम किया जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से सरकारी सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य की परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन भी सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

