देहरादून ; 27.08.2026,
देहरादून। रक्षाबंधन का त्योहार जैसे-जैसे करीब आता है, वैसे-वैसे ऑनलाइन खरीदारी, गिफ्ट भेजने और राखी की डिलीवरी से जुड़े संदेशों की संख्या भी बढ़ने लगती है। इसी माहौल का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधियों ने ठगी के नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी भावनाओं और त्योहार की जल्दबाजी को निशाना बनाकर लोगों को आकर्षक गिफ्ट, सरप्राइज ऑफर, कूपन और राखी पार्सल के नाम पर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।
उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों को ऐसे संदेशों, फोन कॉल और अनजान लिंक से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक, ठग सोशल मीडिया मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से ऐसे संदेश भेज सकते हैं, जिनमें कम कीमत में बड़ा गिफ्ट मिलने या किसी खास ऑफर का लाभ उठाने का दावा किया जाता है।
कुछ रुपये की फीस के नाम पर शुरू होता है खेल
साइबर ठगी का एक तरीका राखी या गिफ्ट पार्सल की डिलीवरी से जोड़ा जा रहा है। ठग कूरियर कंपनी या डाक विभाग का प्रतिनिधि बनकर संपर्क कर सकते हैं। बातचीत के दौरान बताया जाता है कि पार्सल का पता अधूरा है, डिलीवरी किसी कारण से रुक गई है या उसे पहुंचाने के लिए मामूली प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होगा।
लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए कई बार 20, 50 या 100 रुपये जैसी छोटी रकम का भुगतान करने को कहा जाता है। इसके बाद एक लिंक भेजकर भुगतान पूरा करने का दबाव बनाया जाता है। यही लिंक फर्जी वेबसाइट या नकली पेमेंट पेज तक पहुंचा सकता है, जहां बैंकिंग या यूपीआई से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।
गिफ्ट के लालच में मांगी जा सकती है गोपनीय जानकारी
ठग रक्षाबंधन स्पेशल गिफ्ट, सरप्राइज पैकेज, डिस्काउंट वाउचर या फ्री कूपन का लालच देकर भी लोगों को निशाना बना सकते हैं। संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद नकली वेबसाइट खुल सकती है। वहां गिफ्ट पाने के लिए नाम, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण या अन्य जानकारी भरने के लिए कहा जा सकता है।
कुछ मामलों में ठग भुगतान की प्रक्रिया के दौरान ओटीपी या यूपीआई पिन बताने का दबाव भी बना सकते हैं। लोगों को यह समझना जरूरी है कि किसी गिफ्ट को प्राप्त करने के लिए ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक का गोपनीय पासवर्ड साझा करने की जरूरत नहीं होती।
एसटीएफ ने दी सतर्क रहने की सलाह
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान मिलने वाले किसी भी अनजान ऑफर या डिलीवरी संदेश पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई पार्सल वास्तव में भेजा गया है तो उसकी जानकारी संबंधित कूरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या अधिकृत ग्राहक सेवा के माध्यम से ही सत्यापित करें।
इसी तरह किसी बैंक, कंपनी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नाम से आया संदेश संदिग्ध लगे तो उसमें मौजूद लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट खुद खोलकर जानकारी जांचें।
इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान नंबर से आए राखी या गिफ्ट संबंधी लिंक पर क्लिक न करें।
- ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/डेबिट कार्ड और बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- केवल कुछ रुपये की फीस के नाम पर भेजे गए लिंक को भी हल्के में न लें।
- किसी ऑफर की जानकारी सीधे संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जांचें।
- मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक से कोई ऐप डाउनलोड न करें।
- भुगतान करते समय प्राप्तकर्ता का नाम और रकम अच्छी तरह जांच लें।
- किसी संदेश में जल्दबाजी या डर पैदा करके भुगतान कराने की कोशिश हो तो सावधान हो जाएं।
रक्षाबंधन खुशियों और अपनत्व का त्योहार है, लेकिन डिजिटल दौर में छोटी-सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए राखी, गिफ्ट या पार्सल से जुड़ा कोई भी ऑनलाइन संदेश मिलने पर पहले उसकी पुष्टि करें, फिर ही कोई कार्रवाई करें।

